कक्षाओं में पहुंचे प्रमुख सचिव ने छात्रों के कंधे पर हाथ रख जाना अनुभव
बढ़ती संख्या देख परिसर में नए टॉयलेट्स बनाने के लिए एस्टीमेट भेजने के दिए निर्देश
धार | प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार कितनी गंभीर है, इसकी बानगी धार जिले में देखने को मिली। मध्य प्रदेश शासन (तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) के प्रमुख सचिव मनीष सिंह ने धार जिले के दौरे के दौरान ‘परम कौशल कॉलेज’ रामा और सरदारपुर का औचक व विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव का पूरा फोकस इस बात पर था कि युवाओं को मिल रहा प्रशिक्षण सिर्फ किताबी न हो, बल्कि उन्हें सीधे रोजगार दिलाने वाला हो।
‘मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन’ लैब देख हुए गदगद, बोले- ‘बाकी संस्थाएं भी लें इससे सीख’
प्रमुख सचिव सिंह जब सरदारपुर स्थित परम कौशल कॉलेज पहुंचे, तो उन्होंने सीधे ‘मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन’ ट्रेड के थ्योरी और प्रैक्टिकल रूम का रुख किया। वहां हाईटेक मशीनों पर पसीना बहा रहे और बारीकियां सीख रहे युवाओं के काम को उन्होंने बेहद करीब से देखा। विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल नॉलेज और उनके हुनर को देखकर प्रमुख सचिव इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि “यह ट्रेनिंग मॉडल वाकई उच्च स्तरीय और पूरी तरह रोजगारोन्मुखी है। जिले की अन्य तकनीकी संस्थाओं के प्रभारियों को भी यहां का दौरा करवाएं, ताकि वे इस बेहतरीन मॉडल को समझें और अपने यहां लागू कर सकें।”
शहडोल और डिंडोरी से धार पहुंचे युवा; पीएस ने थपथपाई पीठ
निरीक्षण के दौरान मनीष सिंह ने प्रोटोकॉल किनारे रख सीधे क्लासरूम में एंट्री की और टेबल-कुर्सियों पर बैठे ट्रेनिंग ले रहे छात्र-छात्राओं के बीच पहुंच गए। उन्होंने बच्चों के कंधे पर हाथ रखकर उनसे सीधा संवाद किया और उनके अनुभव जाने। इस बातचीत के दौरान एक बेहद दिलचस्प और सुखद बात सामने आई। प्रमुख सचिव को जब पता चला कि इस सेंटर का क्रेज इतना है कि यहां सिर्फ धार के ही नहीं, बल्कि शहडोल, मंडला और डिंडोरी जैसे सैकड़ों किलोमीटर दूर बसे आदिवासी अंचलों के युवा भी आकर भविष्य संवार रहे हैं, तो उन्होंने संस्थान प्रबंधन की पीठ थपथपाई। उन्होंने युवाओं से कहा कि जी-जान से सीखें, सफलता आपके कदम चूमेगी।
पानी की समस्या दूर, अब बनेंगे नए टॉयलेट्स
दौरे के दौरान प्रमुख सचिव ने सिर्फ तारीफ ही नहीं की, बल्कि संस्थान की जरूरतों और बुनियादी समस्याओं को भी गंभीरता से समझा। ग्राउंड रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान परम कौशल केंद्र सरदारपुर के प्रबंधक ने प्रमुख सचिव को अपनी जरूरतें बताईं।
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पानी का संकट: प्रबंधन ने बताया कि पानी की समस्या का समाधान लगभग कर लिया गया है।
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अतिरिक्त शौचालय की मांग: छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिसर में और अधिक शौचालयों की जरूरत है।
तत्काल एक्शन मोड में आए पीएस
इस मांग पर संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रमुख सचिव सिंह ने ऑन-द-स्पॉट निर्देश दिए कि PIU (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट) से इसका टेक्निकल एस्टीमेट (प्राक्कलन) तुरंत तैयार करवाया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि एस्टीमेट आते ही शासन स्तर से इसकी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति (फंडिंग) जल्द से जल्द जारी कर दी जाएगी। दौरे के आखिरी में प्रमुख सचिव ने सभी टीचर्स, स्टाफ और ट्रेनिंग ले रहे देश के भविष्य (विद्यार्थियों) को उज्ज्वल कल के लिए शुभकामनाएं दीं।
