Headlines

‘हेलियन ग्रुप’ का बड़ा धमाका, देश के नक्शे पर चमका पीथमपुर

2,000 करोड़ के निवेश के साथ पीथमपुर में बनेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्लांट

1,000 लोगों को मिलेगा रोजगार, 30% महिलाओं को मौका

भोपाल। मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर में बनने जा रही विश्व प्रसिद्ध कंज्यूमर हेल्थकेयर कंपनी ‘हेलियन ग्रुप’ की पहली अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का वर्चुअल भूमिपूजन किया।

हेलियन ग्रुप द्वारा भारत में स्थापित की जा रही यह पहली विनिर्माण इकाई है, जिसके लिए उन्होंने पूरे देश में से मध्यप्रदेश के पीथमपुर को चुना है। आइए जानते हैं इस महा-निवेश से जुड़ी बड़ी और खास बातें:

पीथमपुर बना ‘ग्लोबल फार्मा हब’ का नया केंद्र

इस पूरी खबर का सबसे बड़ा आकर्षण पीथमपुर (धार) है, जो अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। हेलियन कंपनी का यह नया प्लांट पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 40 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला होगा। यह कंपनी का दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा और इसकी ग्लोबल सप्लाई चेन का एक प्रमुख स्तंभ होगा। पीथमपुर की इस अत्याधुनिक यूनिट में मुख्य रूप से ओरल हेल्थ (मौखिक स्वास्थ्य) से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाए जाएंगे, जिन्हें भारत के साथ-साथ एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीका के देशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के आने से पीथमपुर और आसपास के स्थानीय एमएसएमई उद्योगों, सप्लायर नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नए पंख मिलेंगे।

2000 करोड़ का निवेश और 1000 रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि कंपनी ने शुरुआती दौर में मध्यप्रदेश में 2 हजार करोड़ रुपये (175 मिलियन पाउंड) का निवेश किया है। सरकार का लक्ष्य इस निवेश को आने वाले समय में 2 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का है। इस प्लांट के शुरू होने से करीब 1,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने इस प्लांट में 30 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है, जिसकी मुख्यमंत्री ने खुलकर सराहना की।

“यह नए दौर का आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश है। वर्ष 2024 में यूनाइटेड किंगडम (UK) में हुए ‘इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो’ के दौरान जो निवेश का बीज बोया गया था, वह आज पीथमपुर में हकीकत बन रहा है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, म.प्र.

मध्य प्रदेश और फार्मा सेक्टर का दम

  • वैश्विक पहचान: भारत मात्रा के आधार पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक है। इसमें मध्य प्रदेश की भूमिका तेजी से बढ़ रही है।
  • एमपी का दबदबा: प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 30 से ज्यादा एपीआई (API) व बल्क ड्रग्स निर्माता एक्टिव हैं।
  • एक्सपोर्ट हब: राज्य के कुल निर्यात (Export) में अकेले फार्मा सेक्टर का योगदान लगभग 20% है। इंदौर, पीथमपुर, मंडीदीप, भोपाल, देवास और उज्जैन तेजी से फार्मा क्लस्टर्स के रूप में स्थापित हो चुके हैं।

इस वर्चुअल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ हेलियन ग्रुप के वैश्विक सीईओ ब्रायन मैकनामारा, हेलियन इंडिया के अध्यक्ष केदार लेले और ब्रिटिश उप उच्चायुक्त हरजिंदर कांग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *