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‘सेफ क्लिक 2.0’ से साइबर क्राइम पर कसेगा शिकंजा, राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश

मुख्य सचिव ने कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश

धार। मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने से लेकर आमजन से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए उन्होंने मैदानी अधिकारियों को सीधे और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव का मुख्य फोकस साइबर अपराधों पर लगाम लगाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और स्वास्थ्य सेवाओं में रीयल-टाइम मॉनिटरिंग पर रहा।

​गुरुवार को आयोजित इस महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राज्य के सभी संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ सीधे संवाद कर विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कानून-व्यवस्था, पेंडिंग राजस्व मामलों और जनहित की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन मंथन हुआ। इस राज्य स्तरीय समीक्षा के दौरान धार जिले से कलेक्टर राजीव रंजन मीना, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी और अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित अन्य जिला अधिकारी भी वर्चुअली शामिल हुए।

सुरक्षा और युवाओं के लिए बड़े फैसले: ‘सेफ क्लिक’ और ‘ड्रग-फ्री जोन’

​कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव ने सभी जिलों में साइबर ठगी और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के निर्देश दिए। इसके लिए “SAFE CLICK 2.0” अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही, युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने के लिए 15 से 31 जुलाई तक “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत सभी स्कूल और कॉलेज परिसरों को ‘ड्रग-फ्री जोन’ बनाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राजस्व मामलों में तेजी और स्वास्थ्य सेक्टर पर विशेष जोर

​आम जनता को राहत देते हुए मुख्य सचिव ने नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे लंबित राजस्व मामलों को समय-सीमा के भीतर निपटाने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि अविवादित नामांतरण और सीमांकन के मामलों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके अलावा:

  • सीएम हेल्पलाइन: शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
  • ANMOL 2.0 पोर्टल: मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए इस पोर्टल के जरिए हाई-रिस्क (जोखिम वाली) गर्भवती महिलाओं की रीयल-टाइम ट्रैकिंग की जाएगी।
  • स्वास्थ्य अभियान: 14 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक “दस्तक सह स्टॉप डायरिया अभियान” चलेगा, जिसमें घर-घर ओआरएस और जिंक की गोलियां बांटी जाएंगी।

​शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन, ‘मिशन अंकुर’ (निपुण भारत) के तहत बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर करने और विद्यार्थियों की APAAR आईडी का शत-प्रतिशत निर्माण करने के निर्देश भी इस बैठक में दिए गए।

​मुख्य सचिव की इस कड़क समीक्षा और स्पष्ट डेडलाइन्स (जैसे मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के प्रस्तावों के लिए 15 जुलाई की अंतिम तिथि) का सीधा असर आने वाले दिनों में मैदानी स्तर पर दिखाई देगा। ‘SAFE CLICK 2.0’ और ‘ANMOL 2.0’ जैसे आधुनिक डिजिटल पोर्टल्स के कड़ाई से लागू होने के बाद राज्य में जहां एक ओर साइबर अपराधियों पर लगाम कसेगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य तथा राजस्व से जुड़ी सेवाएं अधिक पारदर्शी और त्वरित गति से आम नागरिकों तक पहुंच सकेंगी।

 

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