शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में बड़ा अल्टीमेटम
धार। जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर कलेक्टर राजीव रंजन मीना बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। गुरुवार, 9 जुलाई को जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की एक अहम संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए 29 जुलाई 2026 तक का अल्टीमेटम दे दिया है।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) मौजूद रहे।
इन महत्वपूर्ण योजनाओं की हुई गहन समीक्षा
बैठक के दौरान कलेक्टर ने शासन की विभिन्न छात्र-हितैषी योजनाओं की बिंदुवार प्रगति जांची। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- विद्यार्थियों का नामांकन: नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों के दाखिले की स्थिति।
- डिजिटल एंट्री: अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण और विमर्श पोर्टल पर निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण की प्रविष्टि।
- सीएम हेल्पलाइन: लंबित शिकायतों का त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निराकरण।
- हितग्राही योजनाएं: निःशुल्क साइकिल वितरण, छात्रवृत्ति स्वीकृति और राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति (NMMS)।
- पोर्टल अपडेट: एम.पी.टास (MP-TAS) पोर्टल पर ओ.टी.आर. (OTR) पंजीयन और छात्र-छात्राओं की प्रोफाइल अपडेट।
अगली बैठक में तय होगी जवाबदेही
कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के विद्यार्थी तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि “सभी लंबित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखें। आगामी 29 जुलाई तक शत-प्रतिशत प्रविष्टि और पोर्टल्स को अपडेट करने का काम अनिवार्य रूप से पूर्ण हो जाना चाहिए। अगली बैठक में यदि प्रगति असंतोषजनक पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की सीधे जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
कलेक्टर ने सभी बीईओ और बीआरसी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मॉनिटरिंग बढ़ाएं और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर काम न अटके।

