प्रशासनिक कसौटी पर कसती योजनाएं : कलेक्ट्रेट में टीएल समीक्षा बैठक आयोजित
धार। जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और लंबित प्रकरणों के निपटारे की गति को तेज करने के लिए कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाया है। शासकीय प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने और आम जनता से जुड़े मुद्दों को बिना किसी अनावश्यक देरी के सुलझाने के उद्देश्य से सोमवार को यह समीक्षा बैठक बुलाई गई।
यह समीक्षा बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने की। बैठक में समय-सीमा (टीएल) के पत्रों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की विभागवार प्रगति का जायजा लिया गया। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक चौधरी, अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय, सहायक कलेक्टर तथा जिले के सभी प्रमुख विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विकास कार्यों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई महत्त्वपूर्ण फैसले लिए गए।

विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचे
नई विकसित हो रही कॉलोनियों के विकास कार्यों की गुणवत्ता अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा जांचने के निर्देश दिए गए। नगर पालिकाओं को जीर्ण-शीर्ण भवनों पर कार्यवाही करने तथा एसडीएम को उदय रंजन क्लब का स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
एनरोलमेंट की धीमी गति पर नाराज कलेक्टर
स्कूल शिक्षा पोर्टल 3.0 पर कक्षा एक में एनरोलमेंट की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए। वहीं लोक सेवा गारंटी के तहत बाह्य चल रहे और आगामी 3 दिनों में बाह्य होने वाले प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा गया।
हेल्पलाइन पर संतुष्टिपूर्वक करे समाधान
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्रतिदिन लक्ष्य तय कर संतुष्टिपूर्वक समाधान करने तथा माता-पिता के भरण-पोषण से जुड़े मामलों में समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य, कृषि व आवास पर रखे मानिटरिंग
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत फूड बास्केट वितरण की समीक्षा कर अधिक ‘निश्चय मित्र’ बनाने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पात्र किसानों का समय पर पंजीयन कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना का निर्माण समय सीमा में पूरा कराने पर जोर दिया गया। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
कलेक्टर द्वारा दिए गए इन सख्त निर्देशों और नियमित मॉनिटरिंग के आदेश से आने वाले दिनों में जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। इससे न केवल समय-सीमा से बाहर चल रहे मामलों का पारदर्शी निपटारा संभव होगा, बल्कि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक सुगमता और गुणवत्ता के साथ मिल सकेगा।
