धार। मध्य प्रदेश के चर्चित भोजशाला परिसर से जुड़ा नमाज़ की जगह का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट के पाले में है। 29 जुलाई को इस संवेदनशील मामले पर सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी थीं, लेकिन दिन भर के घटनाक्रम के बाद सुनवाई की तारीख को एक दिन आगे बढ़ाना पड़ा।
29 जुलाई बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई तय थी। अन्य सुनवाई में ज्यादा समय लगने के कारण भोजशाला मामले की सुनवाई आज नहीं हो पाई। अब इस मामले की सुनवाई गुरुवार, 30 जुलाई गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की पीठ करेगी। मुस्लिम पक्ष की मुख्य आपत्ति मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जुमे की नमाज़ के लिए मुहैया कराई गई वैकल्पिक जगह को लेकर है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने अदालत में तर्क दिया कि प्रशासन द्वारा दी गई वैकल्पिक जगह भोजशाला परिसर से बहुत दूर है और सड़क मार्ग से इसकी दूरी लगभग 1.3 किलोमीटर है। दूसरी ओर, सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह दूरी 1.3 किमी नहीं, बल्कि करीब 900 मीटर ही है।
अब देखना होगा कि 30 जुलाई को होने वाली सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ दोनों पक्षों की दलीलों और दूरी के इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है। अदालत का फैसला यह तय करेगा कि मुस्लिम पक्ष को नमाज़ के लिए वर्तमान में आवंटित जगह पर ही सहमति बनानी होगी या फिर प्रशासन को परिसर के पास किसी नए विकल्प पर विचार करने का निर्देश दिया जाएगा।
