मोबाइल और बाइक में की तोड़कर, दोनों पक्षों की क्रास कायमी
धार। शहर के नौगांव थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। कालिका माता/देवीजी मंदिर परिसर के पास हुई इस घटना में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना 29 जुलाई बुधवार की सुबह लगभग 9.00 से 9.30 बजे के बीच थाना नौगांव क्षेत्र स्थित कालिका माता (देवीजी) मंदिर प्रांगण में घटित हुई। मामले में एक पक्ष से शास्त्री कॉलोनी, बस स्टैंड धार निवासी राहुल (पिता रुगनाथ चौहान, उम्र 35 वर्ष) तथा दूसरे पक्ष से खटीक मोहल्ला निवासी राहुल (पिता जगदीश नगौरा, उम्र 32 वर्ष) व रोशन (पिता छोटेलाल सोलंकी) शामिल हैं। पुरानी रंजिश के चलते मंदिर प्रांगण में दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते लाठी-डंडों से मारपीट और तोड़फोड़ में बदल गया।
राहुल चौहान का आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर राहुल (पिता जगदीश नगौरा) और रोशन सोलंकी ने उन्हें अपशब्द कहे। जब उन्होंने गाली देने से मना किया, तो दोनों आरोपियों ने लकड़ी के डंडों से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में राहुल चौहान के सिर, घुटने, पीठ और गर्दन में चोटें आईं तथा उनका एंड्रॉइड फोन टूट गया। इसके अलावा, आरोपियों ने उनकी बाइक (क्रमांक MP 11 MV 7636) में भी डंडे मारकर तोड़फोड़ की और नुकसान पहुँचाया।
वहीं दूसरे पक्ष के राहुल नगौरा का आरोप है कि पुरानी बहस को लेकर राहुल चौहान ने उन्हें गाली-गलौज की और विरोध करने पर लकड़ी के डंडे से मारपीट की। इससे उनके सिर, दाहिने कंधे और पेट में चोट आई। बीच-बचाव करने आए उनके भाई रोशन के साथ भी लकड़ी के डंडे से मारपीट की गई, जिससे रोशन के सिर और पीठ में चोट लगी। राहुल नगौरा का यह भी आरोप है कि आरोपी ने जेब से कोई नुकीली चीज निकालकर मारी, जिससे उनकी नाक व दाहिने गाल पर चोट आई और जान से मारने की धमकी दी।
नौगांव पुलिस ने राहुल चौहान की शिकायत पर बीएनएस की धारा 296(a), 115(2), 351(3), 324(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं राहुल नगौरा की रिपोर्ट पर धारा 296(a), 115(2), 351(3) बीएनएस के तहत क्रास केस कायम किया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है। सार्वजनिक व धार्मिक स्थल पर हुई इस हिंसक झड़प के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस निगरानी बढ़ा सकती है।
