मांडव को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना
धार। ऐतिहासिक नगरी मांडव जल्द ही पर्यटकों के लिए और अधिक सुविधाजनक, सुंदर और आधुनिक रूप में नजर आएगी। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल मांडव को नए सिरे से संवारने और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में आयोजित टास्क फोर्स समिति की बैठक के दौरान मांडव के सर्वांगीण विकास की रूपरेखा तय की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में पर्यटन विभाग, पुलिस, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और स्थानीय निकाय के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पेयजल और पार्किंग प्रबंधन को बेहतर बनाने तथा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना था।
बैठक में कलेक्टर द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश और योजनाएं:
- निर्बाध पेयजल आपूर्ति: पर्यटन सीजन के दौरान पानी की कमी न हो, इसके लिए वर्तमान जल स्रोतों और वितरण प्रणाली की गहन समीक्षा की गई। पेयजल परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण और सतत जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- यातायात और पार्किंग प्रबंधन: पर्यटकों की सुविधा के लिए नए पार्किंग स्थल चयनित करने और नो-पार्किंग जोन निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और मुख्य नगरपालिका अधिकारी को इस पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है।
- अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट): मांडव की जनसंख्या और आने वाले पर्यटकों की संख्या के अनुरूप ठोस वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया।
- निजी निवेश और समन्वय: पर्यटन के क्षेत्र में निजी निवेशकों को सहयोग प्रदान करने और सभी संबंधित विभागों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश दिया गया।

इस विशेष टास्क फोर्स समिति में सहायक कलेक्टर आशी शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर, एसडीएम (राजस्व) पीथमपुर आर.के. हलधर, एसडीएम (पुलिस) धामनोद मोनिका सिंह, सीएमओ मांडव सुशील ठाकुर, मालवा रिजॉर्ट के प्रबंधक मो. इलियास, एएसआई प्रतिनिधि प्रशांत पाटनकर और डीटीसीडीसी धार के नोडल अधिकारी प्रवीण शर्मा शामिल हैं।
प्रशासन के इन समन्वित प्रयासों और नियमित समीक्षा से मांडव न केवल एक विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। आधारभूत ढांचा मजबूत होने से क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और समग्र क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
