गुरुवार देर रात को बैठकों का दौर, स्थानीय रहवासियों ने एसपी कार्यालय पहुंच कर जताया विरोध
धार। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा धार स्थित भोजशाला परिसर से सटी जमीन पर मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति दिए जाने के बाद देर रात प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। गुरुवार आधी रात को सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए धार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रशासन और मुस्लिम समाज के जनप्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
वजू और नमाज की व्यवस्थाओं पर चर्चा
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के अनुसार मस्जिद के ठीक पीछे स्थित जमीन पर नमाज और वजू की व्यवस्था की जानी है। उन्होंने जानकारी दी कि बारिश के मौसम को देखते हुए स्थान पर कीचड़ और अन्य प्रबंधों को लेकर चर्चा हुई है। प्रशासन ने व्यवस्थाओं की अंतिम रिपोर्ट शुक्रवार सुबह 11:00 बजे देने की बात कही है, जिसके बाद ही समाजजनों को नमाज की व्यवस्था के संबंध में संदेश भेजा जाएगा। अब्दुल समद ने कोर्ट के इस आदेश को समाज के हक और इंसाफ की दिशा में पहला कदम बताया।

स्थानीय रहवासियों ने जताई आपत्ति, विरोध की चेतावनी
दूसरी ओर, भोजशाला के पीछे रहने वाले स्थानीय निवासियों ने इस स्थान आवंटन पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। स्थानीय निवासी अभिनव बिजवा ने आरोप लगाया कि सर्वे नंबर 611 और 612 की जिस जमीन पर व्यवस्था की बात कही जा रही है, वह उनकी पुश्तैनी जमीन है और उनका परिवार सात पीढ़ियों से वहां खेती और निवास करता आ रहा है। रहवासियों का कहना है कि वे इस जमीन पर नमाज का विरोध करते हैं और शुक्रवार दोपहर 12:00 बजे तक अपने सभी कानूनी दस्तावेज जैसे टैक्स रसीद आदि प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर विधिक कार्रवाई करेंगे।

सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला फिलहाल एक अंतरिम राहत है। इस मामले की मुख्य याचिका पर अगली सुनवाई 5 अगस्त से शुरू होगी, जिसमें आने वाला निर्णय ही अंतिम रहेगा। फिलहाल शुक्रवार की नमाज को लेकर प्रशासन के रुख, व्यवस्थाओं की रिपोर्ट और स्थानीय निवासियों के विरोध के बीच स्थिति पर प्रशासनिक नजर बनी हुई है।
