पानी की किल्लत दूर करने और करियर काउंसलिंग के दिए सख्त निर्देश
धार। विद्यार्थियों का भविष्य केवल किताबों से नहीं, बल्कि एक सुरक्षित, प्रेरक वातावरण और सही मार्गदर्शन से संवरता है। इसी सोच के साथ धार जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सीधा धरातल पर उतरकर मोर्चा संभाला है।
शनिवार को धार स्थित कन्या शिक्षा परिसर में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने एक विशेष भ्रमण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के माता-पिता एवं अभिभावकों से सीधा संवाद किया। इस बैठक में सहायक आयुक्त (जनजातीय कार्य विभाग) पारुल जैन और जिला शिक्षा अधिकारी पुष्पेंद्र सस्तिया सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। संवाद के दौरान कलेक्टर ने बच्चों की शिक्षा, गणवेश (यूनिफॉर्म), पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता, आवास, भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं का विस्तृत ब्योरा लिया।

चर्चा के दौरान अभिभावकों ने परिसर में पेयजल की मुख्य समस्या से कलेक्टर को अवगत कराया। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए कलेक्टर मीना ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि छात्राओं की पढ़ाई और दिनचर्या प्रभावित न हो। इसके साथ ही, उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों को हर विद्यार्थी की रुचि और क्षमता के अनुसार करियर काउंसलिंग आयोजित करने तथा अभिभावकों को बच्चों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने की सलाह दी।
जिला प्रशासन की इस पहल और कलेक्टर के कड़े निर्देशों से न केवल कन्या शिक्षा परिसर की मूलभूत सुविधाओं विशेषकर पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा, बल्कि नियमित करियर काउंसलिंग से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा। अभिभावकों और प्रशासन के इस साझा प्रयास से आने वाले समय में छात्राओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल तैयार हो सकेगा।
