भोजशाला दर्शन और सामाजिक आयोजनों में होंगी शामिल
धार। सेवा, संस्कार और राष्ट्र जागरण की प्रतीक पद्म भूषण पूज्या दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा का आगामी 6 अगस्त को धार आगमन हो रहा है। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अपने ओजस्वी उद्बोधनों से पहचान बनाने वाली साध्वी ऋतम्भरा के इस प्रवास को लेकर जिले के श्रद्धालुओं और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
6 अगस्त को पद्म भूषण सम्मानित साध्वी ऋतम्भरा धार के प्रवास पर रहेंगी, जहाँ वे प्रसिद्ध भोजशाला के दर्शन करेंगी। जिले से अपने पुराने जुड़ाव के तहत वे यहाँ के धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगी।
1 जनवरी 1964 को पंजाब के मंडी दोराहा में जन्मी साध्वी ऋतम्भरा ने कम उम्र में ही अध्यात्म का मार्ग चुन लिया था। वर्ष 1992 में उनके द्वारा स्थापित ‘परमशक्ति पीठ’ के माध्यम से निराश्रित बच्चों, परित्यक्त महिलाओं और वृद्ध माताओं के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वृंदावन स्थित ‘वात्सल्य ग्राम’ इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जो परिवार आधारित पुनर्वास, शिक्षा और स्वास्थ्य का वातावरण प्रदान करता है।
धार जिले से साध्वी ऋतम्भरा का गहरा और पुराना संबंध रहा है। वे पूर्व में भी गौसेवा कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और कथा प्रवचनों के लिए यहाँ आ चुकी हैं। ऐतिहासिक रूप से भोजशाला संघर्ष की साक्षी रही दीदी माँ का यह दौरा स्थानीय धार्मिक चेतना और सेवा कार्यों को एक नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है।
