इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन की सुरंग का काम अंतिम चरण में
धार। मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए निर्माणाधीन इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब अपनी मंजिल की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बन रही इस परियोजना की सुरंग में सुरक्षा और मजबूती के लिहाज से सबसे अहम माने जाने वाले टनल लाइनिंग का काम पूरा कर लिया गया है।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा 3 अगस्त 2026 तक जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 2,957 मीटर लंबी इस महत्वपूर्ण सुरंग में लाइनिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सुरंग को मजबूती देने के बाद अब इसके भीतर बैलास्टलेस (बिना गिट्टी वाले) ट्रैक बिछाने और अन्य सिविल निर्माण कार्यों को आधुनिक तकनीकों के साथ तीव्र गति से अंजाम दिया जा रहा है।

ट्रैक बिछाने और सिविल कार्यों की वर्तमान स्थिति:
- टैक्स एवं पीसीसी कार्य: सुरंग के भीतर अब तक 1,216 मीटर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया जा चुका है, जबकि 810 मीटर में काम जारी है। इसके अतिरिक्त, पीसीसी (प्लेन सीमेंट कंक्रीट) की फाइनल लेयर का 1,470 मीटर और फर्स्ट लेयर का 2,007 मीटर काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में 740 मीटर हिस्से में पीसीसी निर्माण प्रगति पर है।
- ड्रेनेज एवं कट-एंड-कवर: सुरंग के दोनों ओर साइड ड्रेन, इनवर्ट ड्रेन तथा कट एंड कवर सेक्शन में ओवर्ट रिइनफोर्समेंट और लाइनिंग का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है।
आधुनिक सुरक्षा मानक और आपातकालीन व्यवस्थाओं की तैयारी
सुरंग को सुरक्षित और आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए आपातकालीन शरण स्थल (रिफ्यूज निच), बचाव कार्यों के लिए रेस्क्यू शाफ्ट, और ताजी हवा के आवागमन हेतु वेंटिलेशन डक्ट का निर्माण किया जा रहा है। सुरंग के भीतर घुटन और धुएं को बाहर निकालने के लिए एक्जॉस्ट फैन लगाने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। निर्माण विभाग शेष ड्रेनेज और बैकफिलिंग कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटा है।
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के पूर्ण होने से मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच सीधा और सुदृढ़ रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रियों को सुरक्षित और तीव्र परिवहन सेवा मिलेगी, साथ ही माल ढुलाई में तेजी आने से दोनों राज्यों के औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
