पलक झपकते ही तीन ट्रांजेक्शन में 26,100 रुपए उड़े, कोतवाली धार में प्रकरण दर्ज
धार। ऑनलाइन साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फर्जी लिंक और मोबाइल अपडेट के नाम पर जालसाज पलक झपकते ही लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला धार जिले में सामने आया है, जहाँ एक स्वास्थ्य कर्मचारी (CHO) साइबर ठगी का शिकार हो गए। अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल में सेंध लगाकर महज कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से हजारों रुपये उड़ा दिए।
जानकारी के अनुसार घटना धार के दौलत नगर में रहने वाले पीड़ित पवन परमार के निवास पर हुई। पीड़ित पवन परमार (उम्र 30 वर्ष), पिता मानसिंह परमार हैं, जो ग्राम शामगढ़ (मंदसौर) के मूल निवासी हैं और वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिरला में सीएचओ के पद पर कार्यरत हैं।
कैसे अंजाम दी गई ठगी
फरियादी पवन परमार के अनुसार, 7 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात लिंक प्राप्त हुई थी। गलती से उस लिंक पर टच होने के बाद दोपहर करीब 1:10 बजे उनका मोबाइल अपने आप अपडेट होने लगा। इसके लगभग आधे घंटे बाद दोपहर 1:44 बजे से 1:46 बजे के बीच (महज 2 मिनट के भीतर) उनके एक्सिस बैंक खाते से तीन बार में कुल 26,100 रुपए काट लिए गए (पहली बार 10,000 रुपए, दूसरी बार 10,000 रुपए और तीसरी बार 6,100 रुपए)। खाते की जांच करने पर पता चला कि यह राशि आयुष्मान यादव नामक व्यक्ति की UPI आईडी पर ट्रांसफर हुई है।
भोपाल ई-साइबर शाखा में ई-एफआईआर दर्ज होने के बाद, मामले की जांच कोतवाली थाना धार को सौंपी गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जागरूकता संदेश : इस घटना से स्पष्ट है कि अज्ञात स्रोतों से आने वाली किसी भी लिंक या फर्जी ऐप अपडेट से दूर रहना कितना आवश्यक है। पुलिस प्रशासन लगातार नागरिकों से अपील कर रहा है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
