15 हजार से अधिक की सामग्री जप्त, 15 नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे
धार। अगर आप बाज़ार या होटल-रेस्टोरेंट से पनीर, दूध या घी खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! धार जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि थाली तक पहुँचने वाली डेयरी चीज़ों में मिलावट का खेल किस कदर चल रहा है।
कलेक्टर राजीव रंजन मीना के निर्देश और आयुक्त खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश के आदेश पर 13 अगस्त गुरुवार को धार जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मिलावटी दूध, घी और शासन द्वारा प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के खिलाफ यह अभियान चलाया गया। अभिहित अधिकारी सचिन लोगरिया के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (रामगोपाल मऊटा व सुभाष खेड़कर) की टीम ने पीथमपुर, मनावर, कुक्षी और आसपास के गांवों में कई प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 15,340 रुपये मूल्य का कुल 52 किलोग्राम प्रतिबंधित एनालॉग पनीर जप्त किया गया।

जांच के दौरान पीथमपुर की सांवरिया दूध डेयरी, गिरनार डेयरी, मनावर स्थित सार्थ मिल्क प्रोसेसर और कुक्षी की ग्वाला डेयरी उत्पाद से दूध, घी, पेड़ा, मिल्क केक व बर्फी के नमूने लिए गए। वहीं, मनावर की शुभम दूध डेयरी से 15 किलो (कीमत ₹5,400) और ग्राम धूलसर की कावेरी दूध डेयरी से 7 किलो (कीमत ₹1,540) संदेहास्पद एनालॉग पनीर जप्त किया गया। कुक्षी के शिव किराना से देशी घी के 29 पैक जप्त हुए। सबसे बड़ी सफलता कुक्षी बस स्टैंड पर मिली, जहाँ गुजरात से बस के ज़रिए राधे डेयरी के लिए आए ‘संतुष्टि लो फैट’ ब्रांड के 30 किलो एनालॉग पनीर (कीमत ₹8,400) को जप्त किया गया, जिसे होटलों व रेस्टोरेंटों में सप्लाई किया जाना था।
विभाग ने पूरी कार्रवाई में दूध के 3, घी के 4, पनीर के 5 और मिठाई के 3 कुल 15 नमूने एकत्र कर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेज दिए हैं। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के कड़े प्रावधानों के तहत दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के लिए जिले भर में मिलावट विरोधी यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
