TL बैठक में एक्शन: समय-सीमा के बाहर पेंडिंग काम पर लगेगी पेनल्टी, हर पंचायत से एक ‘श्रम योगी’ का पंजीयन अनिवार्य
धार | सोमवार सुबह 11 बजे जब कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा (TL) पत्रों की समीक्षा शुरू हुई, तो प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी के तेवर सख्त नजर आए। उन्होंने साफ कर दिया कि सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जो अधिकारी तय समय में काम पूरा नहीं करेंगे, उन पर सीधे पेनल्टी लगाई जाए।
मीटिंग के 4 बड़े फैसले:
1. पेंशन का सुरक्षा कवच: हर पंचायत में एक रजिस्ट्रेशन जरूरी श्रम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ पर जोर दिया।
- लक्ष्य: 18 से 40 वर्ष के असंगठित श्रमिक।
- फायदा: 60 की उम्र के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन।
- आदेश: जिले की हर ग्राम पंचायत से कम से कम एक श्रमिक का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं। आवेदन के लिए आधार और बैंक पासबुक लेकर CSC केंद्र जाना होगा।
2. जल गंगा अभियान: पोर्टल पर दिखेगी प्रोग्रेस कलेक्टर ने जल संरक्षण को लेकर ‘जल गंगा अभियान’ की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्कूलों और आंगनवाड़ियों में वाटर टेस्टिंग की एंट्री और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कामों को तत्काल पोर्टल पर दर्ज करने को कहा। साथ ही मानसून से पहले पौधारोपण की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए।
3. उपार्जन केंद्रों पर ‘नोडल’ की अग्निपरीक्षा किसानों को दिक्कत न हो, इसके लिए कलेक्टर ने कहा कि केंद्रों पर बारदाने, हम्माल और तुलावटियों की कमी नहीं होनी चाहिए। व्यापारियों के समय पर भुगतान और केंद्रों की सुचारू व्यवस्था की जिम्मेदारी नोडल अधिकारियों की होगी।
4. नरवाई जलाई तो होगी सख्त कार्रवाई खेतों में नरवाई (पराली) जलाने की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए राजस्व अधिकारियों को ‘फील्ड’ पर एक्टिव रहने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी नजर
- ड्रॉप आउट: स्कूल छोड़ चुके बच्चों को वापस मुख्यधारा में लाने और नए नामांकन बढ़ाने पर चर्चा हुई।
- जर्जर भवन: स्कूलों के जर्जर भवनों को चिह्नित कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
- हाईटेक ट्रेनिंग: सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘आई गॉट’ (iGOT) प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया।
- डिजिटल लाइब्रेरी: जिले की पुरानी पांडुलिपियों को सहेजने के लिए उनके डिजिटलीकरण हेतु समिति बनाने का फैसला लिया गया।
बैठक में मौजूदगी : अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित जिले के सभी विभाग प्रमुख और राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।
जनसमाचार एमपी इनसाइड : प्रशासन अब ‘पेंडेंसी’ खत्म करने के मूड में है। अगर आप भी किसी सरकारी योजना के पात्र हैं, तो नजदीकी CSC सेंटर पहुँचकर अपना पंजीयन करा सकते हैं।
