कलेक्टर की क्लास: जनसुनवाई में पहुंचे 81 मामले
धार | जिला मुख्यालय पर मंगलवार को हुई साप्ताहिक जनसुनवाई में प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी सख्त तेवर में नजर आए। उन्होंने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को हिदायत दी कि जनता की समस्याओं का निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंगलवार को जिले के दूर-दराज के गांवों से अपनी गुहार लेकर 81 आवेदक पहुंचे थे। प्रभारी कलेक्टर ने एक-एक कर सभी की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही मौजूद विभागीय अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
समस्या है तो आवेदक को समझाएं, गुमराह न करें
जनसुनवाई के दौरान प्रभारी कलेक्टर चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों को केवल फाइलों में न दबाएं। उन्होंने कहा—
“यदि किसी आवेदन के निराकरण में कोई तकनीकी बाधा आ रही है, तो आवेदक को स्पष्ट रूप से उससे अवगत कराएं ताकि वह परेशान न हो। निराकरण गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा के भीतर होना चाहिए।”
इन मुद्दों पर आए सबसे ज्यादा आवेदन
जनसुनवाई में आवेदकों ने अपनी पीड़ा बताते हुए मुख्य रूप से इन विषयों पर आवेदन सौंपे:
- राजस्व और भूमि: जमीन पर अतिक्रमण और सीमांकन से जुड़े विवाद।
- सामाजिक सुरक्षा: पेंशन नहीं मिलने और आर्थिक सहायता की मांग।
- नियुक्ति: अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामले।
- स्वास्थ्य और योजनाएं: जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित ग्रामीण।
मौके पर ही ‘स्टेटस रिपोर्ट’ ली
सुनवाई के दौरान प्रभारी कलेक्टर ने कई गंभीर मामलों में अधिकारियों को तुरंत स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने पुराने आवेदकों के निराकरण की प्रगति की जानकारी भी ली। इस दौरान अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित जिला स्तर के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
आम आदमी के लिए राहत की बात
अक्सर जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद लोग भूल जाते हैं कि उनकी फाइल कहां है। लेकिन अब कलेक्टर के ‘क्विक रिस्पॉन्स’ मोड से आवेदकों को उम्मीद है कि उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
