इंदौर के हाट बाजार में उमड़ी भीड़, जानें आपके जिले में क्या है खास
इंदौर। मध्य प्रदेश के मालवा और निमाड़ अंचल में प्राकृतिक और जैविक खेती को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इंदौर के ढक्कनवाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार में सप्ताह में दो दिन लगने वाले प्राकृतिक उत्पाद बाजार को शहरवासियों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। ताजे फल और केमिकल-मुक्त सब्जियों को खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
इस बाजार की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंदौर में होने वाले आगामी ब्रिक्स सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों को भी इस हाट बाजार के अवलोकन के लिए आमंत्रित किया गया है। यानी अब हमारे स्थानीय किसानों के उत्पाद वैश्विक मंच पर अपनी चमक बिखेरेंगे।
हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में इंदौर संभाग के अलग-अलग जिलों के कप्तानों (कलेक्टर्स) ने अपने-अपने क्षेत्र की कृषि क्रांति और इनोवेशंस की दिलचस्प रिपोर्ट साझा की है। आइए डालते हैं एक नजर कि किस जिले के किसान क्या खास कमाल कर रहे हैं:
आम और पपीते के नए क्लस्टर तैयार
आलीराजपुर की कलेक्टर नीतू माथुर ने बताया कि जिले में आम, सीताफल और पपीते जैसे फलों का बंपर उत्पादन हो रहा है। इसके साथ ही भिंडी और टमाटर जैसी सब्जियों की खेती को भी रफ्तार दी जा रही है। प्रशासन अब नए-नए क्लस्टर बनाकर ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस मुहिम से जोड़ रहा है ताकि उनकी आमदनी को दोगुना किया जा सके।
तरबूज बदल रहा है किसानों की तकदीर
झाबुआ का नाम आते ही कड़कनाथ याद आता है, लेकिन अब यहां के तरबूज भी धूम मचा रहे हैं। झाबुआ के कलेक्टर डॉ. योगेश भरसट के मुताबिक, जिले में तरबूज का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है। सीजनल खेती के इस इस मीठे बदलाव से किसानों की जेब गर्म हो रही है और उनकी आय में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विदेशों में डिमांड में है यहां का केला, मिलेट्स पर भी जोर
बड़वानी के केले अब सात समंदर पार अपनी मिठास घोल रहे हैं। बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में केले का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है, जिसके चलते अब इसकी मांग विदेशों में तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही सरकार के विजन के अनुरूप जिले में मिलेट्स (मोटा अनाज) को बढ़ावा देने पर भी पूरा फोकस है।
सफेद मूसली से बढ़ी कनक, हाइब्रिड मक्के का नया नवाचार
खरगोन सिर्फ कपास और मिर्च के लिए ही नहीं, बल्कि अब औषधीय खेती के लिए भी जाना जा रहा है। खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि जिले में ‘सफेद मूसली’ का उत्पादन भारी मात्रा में हो रहा है, जिससे किसानों को तगड़ा मुनाफा मिल रहा है। इसके अलावा, जिले में इस बार नवाचार के रूप में हाइब्रिड मक्के की खेती की शुरुआत की गई है, जिसके परिणाम बेहद उत्साहजनक हैं।
चीया सीड्स और कुसुम की खेती से किसान हुए मालामाल
खंडवा के किसान अब पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर सुपरफूड्स उगा रहे हैं। खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के अनुसार, जिले में चीया सीड्स और कोदो-कुटकी जैसे श्रीअन्न के उत्पादन से किसानों को बेहतरीन दाम मिल रहे हैं। इसके साथ ही जिले में कुसुम (Safflower) की खेती को भी विशेष रूप से प्रमोट किया जा रहा है।
अब मालवा की मिट्टी में उगेगी ‘ब्लूबेरी’
धार जिले से एक बेहद दिलचस्प और आधुनिक खेती की खबर है। धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने बताया कि जिले में अब ‘ब्लूबेरी’ जैसे प्रीमियम और महंगे फल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अगर यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहा, तो धार के किसानों के लिए यह गेमचेंजर साबित होगा।
ड्रिप इरिगेशन से केले की खेती, शुद्ध मुनाफा कमा रहे किसान
बुरहानपुर में पानी की बचत और सटीक खेती का बेहतरीन मॉडल देखने को मिल रहा है। बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह ने बताया कि जिले के किसान अब ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई) तकनीक के माध्यम से केले का उत्पादन कर रहे हैं। इस स्मार्ट तकनीक की वजह से लागत कम हुई है और किसानों की ‘शुद्ध आय’ में शानदार इजाफा हुआ है।
