डिजिटल सुरक्षा की ओर बढ़ते कदम : ‘सेफ क्लिक 2.0’ से जागरूक हो रहा धार
धार। आधुनिक दौर में तकनीक जितनी सुविधाजनक है, जरा सी लापरवाही इसे उतनी ही जोखिम भरी बना देती है। इसी जोखिम को कम करने और नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार, जिले भर में “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जागरूकता अभियान पूरी सक्रियता से चलाया जा रहा है, जो आमजन को डिजिटल ठगी और सोशल मीडिया के खतरों से बचाने के लिए एक ढाल का काम कर रहा है।
पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के निर्देशन में संचालित इस विशेष अभियान के चौथे दिन को “महिला एवं बाल सुरक्षा दिवस” के रूप में मनाया गया। 24 जून से 08 जुलाई तक चलने वाले इस 15 दिवसीय अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में महिला महाविद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, कंपनियों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अंतर्गत तिरला, संजय जलाशय, डेहरी, घाटाबिल्लौद, कुक्षी, रिंगनोंद, सरदारपुर, पीथमपुर और सागौर जैसे क्षेत्रों में महिलाओं, छात्राओं, आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं, ग्रामीण जनता तथा औद्योगिक क्षेत्र की महिला कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
विविध क्षेत्रों में सुरक्षा के विशेष मंत्र
अभियान के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने कमान संभाली। घाटाबिल्लौद की चौकी द्वारा पीएम राइस स्कूल में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित सोशल मीडिया उपयोग की सीख दी गई, जबकि एसडीओपी कुक्षी सुनील गुप्ता ने डही बस स्टैंड पर ग्रामीणों को सीधे संवाद कर जागरूक किया। पीथमपुर पुलिस ने मोयरा कंपनी और थाना प्रभारी सागौर ने डाबर कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों के बीच पहुंचकर उन्हें डिजिटल खतरों के प्रति सचेत किया।
सरदारपुर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल जाधव ने गणेश मंदिर परिसर में ग्रामीणों को वर्तमान समय के सबसे बड़े खतरों जैसे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी APK फ़ाइल, UPI फ्रॉड और सोशल मीडिया ठगी से बचाव के व्यावहारिक उपाय समझाए।
सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और हेल्पलाइन की जानकारी
आयोजनों में मुख्य रूप से साइबर बुलिंग, मॉर्फिंग (तस्वीरों से छेड़छाड़), ऑनलाइन शोषण और ऑनलाइन गेमिंग के छिपे हुए जोखिमों पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक या ऐप्स को डाउनलोड करने से बचें। यदि कोई नागरिक साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो वह तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकता है या एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल और नजदीकी थाने में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
धार पुलिस का यह अभियान केवल तात्कालिक जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दीर्घकालिक उद्देश्य प्रत्येक नागरिक, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लिए एक भयमुक्त और सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि साइबर सुरक्षा केवल एक तकनीकी विषय नहीं, बल्कि निरंतर सतर्कता और जागरूकता की जीवनशैली है। आने वाले दिनों में इस तरह के आयोजनों से जिले में साइबर अपराधों के ग्राफ में कमी आने और नागरिकों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की प्रवृत्ति मजबूत होने की पूरी उम्मीद है।

