जनता की शिकायतों का निराकरण समय पर गुणवत्ता के साथ करे-कलेक्टर
धार। सरकारी काम में ढिलाई और जनसमस्याओं को लटकाए रखने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने साफ कर दिया है कि जनता की शिकायतों का न सिर्फ समय पर, बल्कि पूरी गुणवत्ता के साथ निराकरण करना होगा। सीएम हेल्पलाइन से लेकर पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी फाइलों को अब और दबाकर नहीं रखा जा सकेगा।
सोमवार को धार जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में समय-सीमा के पत्रों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता खुद कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक चौधरी, अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय और सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों के लंबित मामलों, जन शिकायतों और लोक कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की बारीकी से जांच करना और आ रही बाधाओं को दूर करना था।
सीएम हेल्पलाइन लंबित मामलों पर कलेक्टर नाराज
कलेक्टर ने विभागवार समीक्षा करते हुए सीएम हेल्पलाइन पर 50 दिन और एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि ज्यादा शिकायतों वाले विभाग इनका वर्गीकरण करें और प्राथमिकता से निपटारा करें।
झोलाछाप डॉक्टरों पर करे कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग को झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अगले तीन दिनों में समय-सीमा से बाहर हो रहे सभी लंबित मामलों को शत-प्रतिशत निपटाने की जिम्मेदारी तहसीलदारों को सौंपी गई है। बैठक में पेयजल संकट, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभ और श्रम विभाग की अनुग्रह सहायता के मामलों को तुरंत हल करने को कहा गया।
सीएम दौरे की तैयारी की रूपरेखा तैयार
बैठक में आगामी 8 जुलाई को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित धार दौरे की तैयारियों की भी रूपरेखा तैयार की गई। राजस्व विभाग को 30 दिन से पुराने मामलों को निपटाने, पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने, फार्मर रजिस्ट्री का काम पटवारियों के माध्यम से लक्ष्य तय कर पूरा करने और बैंकिंग योजनाओं के पेंडिंग केस सुलझाने के निर्देश दिए गए।
387 हाई रिस्क गांवों में स्क्रीनिंग करे तेज़
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले के 387 हाई रिस्क गांवों में स्क्रीनिंग, एक्स-रे और फूड बास्केट बांटने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को ‘एनपीएस वात्सल्य योजना’ का प्रचार करने को कहा गया है ताकि अभिभावक बच्चों के भविष्य के लिए निवेश कर सकें।
प्रशासन के इस कड़े रुख का सीधा असर आने वाले दिनों में धार जिले की नागरिक सुविधाओं पर देखने को मिलेगा। अधिकारियों को आवेदनों का ‘उसी दिन निराकरण’ करने की जो हिदायत दी गई है, उससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने वाले आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही, जिले में आगामी 14 जुलाई से 31 जुलाई तक चलने वाले ‘दस्तक अभियान’ की सफलता के लिए अभी से सभी अनुविभागीय अधिकारियों को मैदान में उतार दिया गया है, जिससे आने वाले हफ्तों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पेयजल की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
