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दुष्कर्म का इनामी आरोपी उत्तराखंड से और सलमान हत्याकांड का फरार कातिल उज्जैन से गिरफ्तार

धार। धार जिला पुलिस ने कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग सनसनीखेज मामलों के फरार आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। महिला थाना धार की टीम ने जहां सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर शादी का झांसा देने वाले और 5,000 रुपए के इनामी आरोपी को उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके से ढूंढ निकाला, वहीं सागौर थाना पुलिस ने सलमान हत्याकांड में करीब एक महीने से फरार चल रहे सातवें और आखिरी मुख्य आरोपी को उज्जैन से घेराबंदी कर दबोच लिया है।

पहली घटना धार के महिला थाना क्षेत्र की है, जहां 23 मई 2026 को एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि इंस्टाग्राम पर परिचय होने के बाद आरोपी प्रदीपसिंह पंवार (निवासी जिला टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड) ने उसे शादी का झांसा दिया और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी वादे से मुकर गया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक धार द्वारा आरोपी पर 5,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था, जिसे विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से देहरादून (उत्तराखंड) से गिरफ्तार किया।

दूसरी घटना सागौर थाना क्षेत्र की है। यहाँ 30 मई 2026 को फरियादी इमरान उर्फ भुरा खान की रिपोर्ट पर मारपीट का मामला (अपराध क्रमांक 92/2026) दर्ज किया गया था। इलाज के दौरान घायल सलमान की मृत्यु होने के बाद इस मामले में हत्या (धारा 103(1) बीएनएस) की धाराएं बढ़ाई गईं। इस हत्याकांड के कुल 7 आरोपियों में से 6 को पुलिस पहले ही पकड़ चुकी थी। आखिरी फरार आरोपी नौशाद पिता करामत शाह (उम्र 42 वर्ष, निवासी छोटी सागौर) को सागौर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 4 जुलाई को उज्जैन में उसके एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया।

सराहनीय भूमिका : इन दोनों महत्वपूर्ण कार्यवाहियों में पुलिस टीमों की विशेष भूमिका रही। दुष्कर्म के आरोपी को पकड़ने वाली टीम में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक क्लेर डामोर, सउनि रामसिंह गौर, प्रधान आरक्षक रतनसिंह कटारे, सीता अलावा, आरक्षक परसराम जाधव, राकेश देवल, प्रवीण गोरे और साइबर सेल धार के आरक्षक प्रशांत व शुभम शामिल थे। वहीं हत्याकांड के आरोपी को दबोचने वाली टीम में सागौर थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रकाश सरोदे, प्रधान आरक्षक अनिल राठौर, ब्रजेश पंवार और आरक्षक धर्मेन्द्र यादव की मुख्य भूमिका रही।

दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है, जहां से उनके खिलाफ अग्रिम वैधानिक व अदालती कार्रवाई की जा रही है। सागौर पुलिस द्वारा सलमान हत्याकांड के सभी 7 आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद क्षेत्र में कानून का भय कायम हुआ है। वहीं, सोशल मीडिया के जरिए धोखाधड़ी करने वाले इनामी आरोपी की उत्तराखंड से हुई इस गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी दूर क्यों न छिप जाए, पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी जांच से बच नहीं सकता।

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