सरदारपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों से सुलझाया मामला, आरोपी ने शराब के नशे में की थी हरकत
धार। पुलिस ने महान क्रांतिकारी टंट्या मामा भील की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपी को महज कुछ ही दिनों के भीतर ढूंढ निकाला है। इस संवेदनशील मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में बेहद चौंकाने वाली वजह बताई है।
यह पूरी घटना 29 जून की है। सरदारपुर-बदनावर रोड स्थित मौलाना तिराहा पर स्थापित महान क्रांतिकारी टंट्या मामा भील की प्रतिमा के दोनों हाथों को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्राम गोलपुरा (थाना अमझेरा) के निवासी राजेन्द्र पिता तोलाराम गामड़ की शिकायत पर थाना सरदारपुर में अपराध क्रमांक 169/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 और 324(4) में मामला दर्ज किया गया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सरदारपुर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार जाधव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर ग्राम नरसिंहदेवला के रहने वाले 50 वर्षीय कालु पिता नरसिंह मावी को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी कालु ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वह अत्यधिक शराब के नशे में था। अंधेरा होने के कारण उसने प्रतिमा को कोई जीवित व्यक्ति समझ लिया और डर की वजह से उस पर पत्थर मार दिए, जिससे प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी के अन्य पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है।
उक्त प्रकरण के सफल खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार जाधव, उपनिरीक्षक जगदीशचन्द्र निनामा, उपनिरीक्षक नवलसिंह बघेल, सहायक उपनिरीक्षक शराफत हुसैन कुरैशी, प्रधान आरक्षक दिनेश बगडावत, गज्जुलाल वसुनिया, मोहनसिंह गामड़, सरदारसिंह डोडवे, आरक्षक प्रताप डोडियार (सूचना संकलन), विजेन्द्र डामोर, मनोज मुजाल्दे एवं दिनेश सैनानी की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
