बदमाश गणपत पर 6,750 रुपए का था इनाम
ब्रेजा कार और लाखों की लूट में था फरार गणपत
धार। जिले की गंधवानी थाना पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने क्षेत्र में दहशत का पर्याय बन चुके और लंबे समय से फरार चल रहे 6,750 रुपए के इनामी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लूट, चोरी और नकबजनी की कई बड़ी वारदातों को अंजाम देकर ठिकाने बदलने वाले इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी को पुलिस प्रशासन एक बड़ी कामयाबी मान रहा है।
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन और एसडीओपी मनावर ब्रजेश कुमार मालवीय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। गंधवानी थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप खन्ना के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 06 जुलाई सोमवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर ग्राम भुतिया भूरियाफलिया (थाना टांडा) निवासी 24 वर्षीय मुख्य आरोपी गणु उर्फ गणपत भूरिया को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से पुलिस ने लूट की 4,200 रुपए की नकदी (मशरूका) बरामद की है। इस मामले में पुलिस आरोपी के दो साथियों जितेन्द्र वास्केल और प्रकाश वास्केल को पहले ही जेल भेज चुकी है।
पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर है और उसने पिछले कुछ समय में गंधवानी क्षेत्र में लूट की तीन बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था:
- दिसंबर 2025: फरियादी रामगोपाल पोरवाल से 1,56,516 रुपए और एक मोटरसाइकिल की लूट।
- अक्टूबर 2025: फरियादी दीपु बिलवाल से 1,13,005 रुपए की नगदी लूटना।
- अप्रैल 2026: ग्राम जामली में फरियादी ओमसिंह सेंगर और उनके साथियों के साथ मारपीट कर ब्रेजा कार, मोबाइल और पर्स सहित 50,000 रुपए की सनसनीखेज लूट।
गिरफ्तार आरोपी गणपत भूरिया का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह न केवल गंधवानी, बल्कि जिले के अन्य थानों के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था। वह थाना मनावर में चोरी, थाना कुक्षी में पशु चोरी और थाना सरदारपुर में डकैती की योजना बनाने जैसे गंभीर मामलों में भी वांछित (फरार) चल रहा था।
फिलहाल पुलिस आरोपी का कोर्ट से रिमांड ले रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में जिले के कई अन्य अनसुलझे संपत्ति संबंधी अपराधों और चोरियों का खुलासा हो सकता है, जिससे क्षेत्र में अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।
सराहनीय भूमिका : इस सफल ऑपरेशन में गंधवानी थाना प्रभारी प्रदीप खन्ना, उप निरीक्षक नीरज कोचले, विनय परमार, प्रधान आरक्षक मालसिंह भाबर, मांगीलाल गोयल सहित आरक्षक विक्रम, माधु, हतरसिंह, सियाराम, दयाराम, विरेन्द्र, दिलीप, प्रेम और किरण की विशेष भूमिका रही।
