निजी स्कूलों की मान्यता नवीनीकरण चूकने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
धार। अगर आप किसी निजी स्कूल के संचालक हैं या आपके बच्चे किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। शिक्षा विभाग ने उन निजी स्कूलों को एक बड़ी राहत और अंतिम चेतावनी दी है, जो अब तक शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत अपनी मान्यता का नवीनीकरण नहीं करा पाए थे। छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने एक बार फिर आवेदन का पोर्टल खोल दिया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केंद्र ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों की नवीन मान्यता और मान्यता नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन की समय-सीमा 10 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। पूर्व में यह डेडलाइन 20 जनवरी 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन कई अशासकीय स्कूल तय समय में आवेदन करने से चूक गए थे। इसी को देखते हुए विभाग ने यह अवसर दिया है, जिसके तहत निजी विद्यालय अब विलंब शुल्क (लेट फीस) के साथ 10 जुलाई तक अपने आवेदन ऑनलाइन जमा और लॉक कर सकेंगे।
राज्य शिक्षा केंद्र ने सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि 10 जुलाई 2026 के बाद किसी भी सूरत में अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई जाएगी। यदि कोई स्कूल इस तय प्रक्रिया के तहत आवेदन नहीं करता है, तो शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के नियम 11 के अनुसार उसकी मान्यता स्वतः (अपने आप) समाप्त मान ली जाएगी।
बिना मान्यता के स्कूल का संचालन करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 18 का सीधा उल्लंघन माना जाएगा, जिसके तहत ऐसे डिफाल्टर स्कूलों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के लिए सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में समय-सीमा के भीतर स्कूलों से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सुनिश्चित कराएं। इस फैसले का सीधा असर यह होगा कि तय मानकों को पूरा न करने वाले या लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर कानूनी शिकंजा कसेगा, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखा जा सकेगा।
