पीथमपुर में 272 करोड़ रुपए का नया निवेश, सृजित होंगे 5,000 से अधिक रोजगार
धार। मध्यप्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन कहा जाने वाला पीथमपुर अब पूरे देश का “मैन्युफैक्चरिंग गेटवे” बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में वैश्विक कंपनी लिउगोंग इंडिया के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य सरकार पीथमपुर को ग्रीन इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिक व्हीकल और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। पिछले मात्र 10 दिनों में प्रदेश में पांच ऐतिहासिक औद्योगिक आयोजन हुए हैं, जो राज्य में आ रहे बड़े निवेश और बदलते औद्योगिक परिदृश्य का सीधा प्रमाण हैं।
बुधवार 8 जुलाई को धार जिले के पीथमपुर में आयोजित एक भव्य उद्घाटन समारोह और जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हैवी अर्थ मूवर्स बनाने वाली दुनिया की दिग्गज कंपनियों में से एक, लिउगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की मौजूदा उत्पादन इकाई के विस्तार कार्य का लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में लिउगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड के प्रेसीडेंट (चेयरमैन) झ़ेंग ज़िन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समारोह में स्थानीय विधायक नीना विक्रम वर्मा, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि और कंपनी के पदाधिकारी उपस्थित थे।
निवेश और रोजगार के प्रमुख आंकड़े
इस नए विस्तार और प्रदेश के औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार हैं:
- लिउगोंग का निवेश : कंपनी ने 272 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश कर 20 एकड़ क्षेत्र में नया प्रोडक्शन प्लांट स्थापित किया है।
- उत्पादन क्षमता में वृद्धि : इस विस्तार से कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3,250 मशीनों से बढ़कर 7,500 मशीनों तक पहुंच जाएगी। शुरुआती चरण में यहां मुख्य रूप से प्रतिवर्ष 6,500 एस्कवेटर और निर्माण उपकरणों का उत्पादन होगा।
- रोजगार के अवसर : इस प्लांट से 600 प्रत्यक्ष और सप्लाई चेन के माध्यम से 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- स्थानीय उद्योगों को लाभ : भारतीय उद्योगों से लिए जाने वाले कंपोनेंट्स (पुर्जों) में कंपनी की हिस्सेदारी 40% से बढ़कर अब 60% हो जाएगी, जिससे स्थानीय MSME और इंजीनियरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “यह केवल अनाउंसमेंट करने वाली नहीं, धरातल पर डेवलपमेंट लाने वाली सरकार है। मध्यप्रदेश में बीते दो वर्षों में ही करीब 10 हजार करोड़ रूपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है, जो विरोधियों को सीधा जवाब है।”
मुख्यमंत्री ने राज्य के बढ़ते कदमों का ब्यौरा देते हुए बताया कि वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही मध्यप्रदेश को 76,862 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 82 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। इसमें नर्मदापुरम 11,500 करोड़ रुपए के प्रस्तावों के साथ सबसे आगे है। साथ ही, पिछले छह महीनों में 41,950 करोड़ रुपए के निवेश वाली 166 नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है।
पीथमपुर का ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री में भी बड़ा दबदबा है, जहां 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है और 4 से 5 लाख लोग कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, धार में पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रखे गए देश के पहले ‘पीएम मित्र पार्क’ की नींव से मालवा और निमाड़ के कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलने वाला है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2025 में मिले 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश अब धरातल पर दिखने लगा है। इसके साथ ही सरकार ने हाल ही में भोपाल के पास सतगढ़ी में नए स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क (15 हजार रोजगार क्षमता) और वर्ल्ड क्लास कन्वेंशन सेंटर, शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपए की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और पेप्सीको के 1,250 करोड़ रुपए की दूसरी अत्याधुनिक प्रोडक्शन यूनिट पर काम तेज कर दिया है। पीथमपुर में लिउगोंग के इस नए प्लांट से भारत की घरेलू आयात पर निर्भरता घटेगी और यह क्षेत्र मशीनरी निर्माण के मामले में एक प्रमुख ग्लोबल सेंटर बनकर उभरेगा।
