5 दिनों तक यूपीआई से निकलते रहे पैसे, पीड़िता और पति सदमे में
धार। डिजिटल सुरक्षा में जरा सी सेंध किस तरह किसी की जिंदगी भर की जमा-पूंजी छीन सकती है, इसका एक परेशान करने वाला मामला मनावर थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को अज्ञात जालसाज ने ऑनलाइन डराकर और धोखे में रखकर उनके बैंक खाते से करीब दो लाख रुपये पार कर दिए। इस धोखाधड़ी से पीड़िता और उनके पति सदमे में है।
धार जिले के मनावर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुलशन कॉलोनी (धार रोड) की रहने वाली 52 वर्षीय मंजुला मंडलोई के साथ यह ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हुई है। अहमदपुर बाकानेर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत मंजुला के पंजाब नेशनल बैंक के खाता क्रमांक 6834000100006325 से अज्ञात आरोपी ने दिनांक 08 जून से 13 जून 2026 के बीच अलग-अलग यूपीआई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 1,93,447.74 रुपए की राशि धोखाधड़ीपूर्वक निकाल ली। घटना की भनक पीड़िता को 13 जून को दोपहर करीब 12:00 बजे लगी, जब वे आंगनवाड़ी केंद्र में थीं और उनके मोबाइल नंबर 9893162280 पर पैसे कटने के मैसेज आए।
पीड़िता के अनुसार, मैसेज देखते ही उन्होंने तुरंत मनावर आकर पटेल कॉलोनी चक्की के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कियोस्क केंद्र पर अपना खाता लॉक करवाया। इसके बाद 15 जून को मुख्य शाखा जाकर बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर उन्हें पता चला कि 5 दिनों के भीतर उनके खाते से बिना उनकी जानकारी के पूरी राशि साफ कर दी गई थी। इस बड़ी धोखाधड़ी की बात जब उन्होंने अपने पति रामसिंह मंडलोई को बताई। पति की तबीयत बिगड़ने से पीड़िता ने 15 जुलाई को शाम 16:16 बजे थाने उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने पीड़िता मंजुला मंडलोई की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। चूंकि मामला ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (साइबर क्राइम) से जुड़ा है, इसलिए पुलिस अब उन यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी और बैंक खातों को ट्रेस करने में जुट गई है, जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई थी। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
