डिजिटल सेंधमारी का नया मामला
धार। नालछा में एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त शिक्षक डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं। शातिर जालसाजों ने उनका मोबाइल फोन हैक करके बैंक खाते में जमा जीवन भर की गाढ़ी कमाई के हजारों रुपयों पर हाथ साफ कर दिया। इस संबंध में पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद औपचारिक प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
यह घटना 01 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:00 बजे नालछा के कृष्ण चौक स्थित फरियादी के घर पर हुई। पीड़ित 67 वर्षीय विजय (पिता कमलदास महंत), जो कि पेशे से एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, का मोबाइल किसी अज्ञात आरोपी द्वारा हैक कर लिया गया। इसके बाद उनके बैंक ऑफ इंडिया (शाखा बगड़ी) के खाता संख्या 981810110009282 से 83,000 रुपये अवैध रूप से पार कर दिए गए।
ऐसे हुआ ठगी का खुलासा
घटना वाले दिन जब पीड़ित किसी को पैसे भेज रहे थे, तो तकनीकी खराबी के कारण पैसे ट्रांसफर नहीं हो रहे थे। संदेह होने पर उन्होंने पास की एक मोबाइल दुकान पर जाकर अपना ओप्पो कंपनी का फोन रीसेट करवाया। जब उन्होंने दोबारा बैंक बैलेंस चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। खाते में 83,000 रुपये की जगह महज 49 रुपये बचे थे। बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने पर राशि कटने की पुष्टि हुई, जिसके तुरंत बाद उन्होंने अपना खाता सीज (बंद) करवाया।
पुलिस की कार्रवाई और मामला दर्ज
इस मामले में पहले नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर ई-जीरो एफआईआर (नंबर 426/2026 और 688/2026) दर्ज की गई थी। इसके बाद शिकायत जांच के लिए थाना नालछा पहुंची। नालछा पुलिस ने पीड़ित शिक्षक के बयान दर्ज किए और प्राथमिक जांच में अपराध सही पाए जाने पर 19 जुलाई को अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला पंजीकृत किया। देरी से मामला दर्ज होने का कारण फरियादी का थाने देर से पहुंचना बताया गया है।
इस घटना ने क्षेत्र में एक बार फिर मोबाइल सुरक्षा और ऑनलाइन बैंकिंग से जुड़े खतरों को उजागर कर दिया है। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से उस डिजिटल फुटप्रिंट और बैंक ट्रांजैक्शन ट्रेल की जांच कर रही है, जिसके जरिए पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इस मामले की पड़ताल से आगामी दिनों में क्षेत्र में सक्रिय किसी बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश होने की संभावना है।
