धार। मांडू की ऐतिहासिक वादियों की विशिष्ट पहचान और भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्राप्त दुर्लभ ‘खुरासानी इमली’ को विलुप्त होने से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इस बहुमूल्य प्राकृतिक संपदा के संरक्षण और बड़े पैमाने पर संवर्धन के लिए अब जमीनी स्तर पर विशेष प्रयास शुरू किए जा रहे हैं।
सोमवार को धार जिला मुख्यालय में ‘नेहा ग्रीन वाटिका नर्सरी, मांडव’ की संचालिका नेहा वीरेंद्र जायसवाल ने जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीना से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान उन्होंने खुरासानी इमली के व्यापक वृक्षारोपण और पौधों के उत्पादन को लेकर एक विस्तृत कार्ययोजना जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की।
जल्द करेंगे नर्सरी का निरीक्षण
बैठक में जायसवाल ने “खुरासानी इमली संरक्षण एवं विकास योजना” का प्रस्ताव रखा, जिस पर चर्चा करते हुए जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मांडू की इस वनस्पति विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। कलेक्टर ने योजना को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए तथा जल्द ही नर्सरी का खुद निरीक्षण करने की बात कही।
स्थानीय पर्यावरण होगा मजबूत
इस पूरी मुहिम का मुख्य उद्देश्य मांडू के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में खुरासानी इमली की उपस्थिति को एक बार फिर से जीवंत करना है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल स्थानीय पर्यावरण मजबूत होगा, बल्कि मांडू की इस ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर को भी हमेशा के लिए सुरक्षित किया जा सकेगा।
