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धार : बुजुर्ग दंपत्ति से लूट और जानलेवा हमले के 25 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, ग्रामीणों ने जताया भारी आक्रोश

15 किमी दूर थाने से परेशान कालीबावड़ी के ग्रामीणों ने एसपी दफ्तर पहुँच लगाई गुहार

धार। शातिर बदमाशों का बेखौफ दुस्साहस और पुलिस के खाली हाथ! जब खाकी की गश्त थमी, तो ग्रामीणों ने खुद ही अपने हाथों में सुरक्षा की कमान संभाल ली। धार जिले के ग्राम कालीबावड़ी में 25 दिन पूर्व एक बुजुर्ग दंपत्ति के साथ हुई बर्बरता और लूट की घटना ने पूरे क्षेत्र में भारी जनाक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज ग्रामीण मंगलवार को खुद पीड़ित दंपत्ति को लेकर जनसुनवाई में एसपी कार्यालय पहुँच गए।

यह पूरा मामला धार जिले के थाना धरमपुरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम कालीबावड़ी का है। बीते 26 जून 2026 की रात्रि तीन नकाबपोश बदमाशों ने दरवाजा तोड़कर अनाज व्यापारी वृद्ध नेमीचंद जी राठौर और उनकी पत्नी के घर में घुसकर बेरहमी से मारपीट की। बदमाशों ने टामी और चैन पाने जैसे हथियारों से हमला कर दंपत्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया और लगभग तीन तोला सोने का मंगलसूत्र लूटकर फरार हो गए। पीड़ित दंपत्ति घर में अकेले रहते थे, जबकि उनके तीन बेटे पास में ही निवास करते हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी (मनावर) और थाना प्रभारी धरमपुरी मौके पर पहुँचे थे। हालांकि, 25 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि धरमपुरी थाना 15 किलोमीटर, धामनोद थाना 16 किलोमीटर और मनावर थाना 34 किलोमीटर दूर स्थित होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। गाँव में हर बुधवार को बड़ा हाट-बाज़ार लगता है जहाँ से लगातार मोटरसाइकिलें चोरी होती हैं। बीते कई वर्षों में हुई कई चोरियों और खुद पीड़ित नेमीचंद जी के साथ पूर्व में हुई तीन लूट की घटनाओं का पुलिस आज तक खुलासा नहीं कर पाई है।

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों और कालीबावड़ी के सरपंच हंसराज चौहान ने पुलिस कप्तान सचिन शर्मा को एक आवेदन पत्र सौंपा, जिसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन और पुलिस महानिरीक्षक (इंदौर संभाग) को भी भेजी गई है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की है कि:

  • आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
  • कालीबावड़ी में सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिदिन रात्रिगश्त के लिए कम से कम दो पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई जाए।
  • गाँव में स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना की जाए।

ग्रामीण विमल राठौड़ ने बताया कि क्षेत्रीय केंद्रीय राज्य मंत्री का निवास गाँव से महज़ 2 किलोमीटर की दूरी पर होने और कई बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद गाँव में पुलिस चौकी की मांग पूरी नहीं हो सकी है।

ग्रामीणों ने बताया कि धार पुलिस कप्तान सचिन शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच और अन्य टीमों को शामिल कर एक नई SIT (विशेष जांच दल) गठित करने का आश्वासन दिया है, ताकि आरोपियों को जल्द पकड़कर मामले का पर्दाफाश किया जा सके।

इस पूरी स्थिति के बीच सुरक्षा व्यवस्था की पोल यह खोलती है कि वर्तमान में कालीबावड़ी के ग्रामीण अपनी सुरक्षा खुद करने को मजबूर हैं। 100 डायल और पुलिस गश्त की अनियमितता के कारण प्रतिदिन 20 ग्रामीणों की टीम रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक गाँव के हर कोने में खुद गश्त दे रही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बदमाशों की गिरफ्तारी और पुलिस चौकी का निर्माण नहीं हुआ, तो पूरा गाँव एकजुट होकर आंदोलन करेगा और बाज़ार बंद रखेगा। आगे इस मामले में उग्र प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।

 

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