मंदिर के पास पैशाब करने से रोका तो बस हेल्पर पर तीन–चार बदमाशों ने किया जानलेवा हमला, प्रकरण दर्ज
धार। एक तरफ जहां स्वच्छता और आस्था का सम्मान समाज का मूल आधार है, वहीं धार के बस स्टैंड पर देर रात एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। बस के पास सफाई कर रहे एक बेकसूर हेल्पर को सिर्फ इसलिए लहूलुहान कर दिया गया, क्योंकि उसने मंदिर परिसर के पास पैशाब करने से एक सिरफिरे युवक को मना किया था।
यह घटना 3 अगस्त रविवार–सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे धार बस स्टैंड स्थित शराब दुकान और भैरव बाबा मंदिर के सामने घटी। फरियादी सुनील परमार (निवासी कलारिया, इंदौर) के अनुसार, निजी बस का हेल्पर अशोक केवट (निवासी कुम्हारगड्डा, धार) रात में बस की सफाई कर रहा था। उसी समय नौगांव निवासी ऋतिक मर्सकोले वहां पहुंचा और मंदिर के पास पैशाब करने लगा। मना करने पर आरोपी ऋतिक ने अश्लील गालियां दीं। देखते ही देखते बुलेट और स्प्लेंडर बाइक से उसके दो-तीन अन्य साथी भी आ धमके और सभी ने मिलकर अशोक को जान से मारने की नियत से लात-घूंसों व हाथों में पहने भारी कड़ों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
हमले में अशोक के सिर और शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। बीच-बचाव के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस और पुलिस की मदद से घायल अशोक को तत्काल भोज अस्पताल धार में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के दौरान उसके सिर में करीब 15 टांके आए। हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल रैफर कर दिया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
थाना कोतवाली धार में आरोपी ऋतिक मर्सकोले और उसके साथियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1), 296(a) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरी वारदात समीप लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार आरोपियों की धरपकड़ में जुट गई है, वहीं इस खौफनाक घटना से बस स्टैंड क्षेत्र के चालकों व कर्मचारियों में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल बना हुआ है।
