मंदिर के पास पेशाब करने से रोका तो बस हेल्पर पर जानलेवा हमला
धार। बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके में पवित्र स्थल की मर्यादा बनाए रखने की एक छोटी सी नसीहत पर उपजा विवाद खून-खराबे में बदल गया। धार के बस स्टैंड पर सफाई कर रहे एक बस हेल्पर को मंदिर के पास पेशाब करने से रोकना भारी पड़ गया। आक्रोशित बदमाशों ने हेल्पर के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसके बाद हरकत में आई कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
यह घटना 3 अगस्त की देर रात लगभग 12:30 बजे की है। कलारिया (इंदौर) निवासी फरियादी सुनील परमार द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, शुभम बस का हेल्पर अशोक केवट बस स्टैंड पर बस की सफाई कर रहा था। उसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति पास ही स्थित भैरूबाबा मंदिर के परिसर के पास पेशाब करने लगा। जब अशोक ने उसे ऐसा करने से मना किया, तो वह व्यक्ति और उसके साथी भड़क गए। आरोपियों ने अश्लील गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों और हाथ में पहने लोहे के कड़े से अशोक पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में अशोक के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे 108 एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय धार ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह गुर्जर के मार्गदर्शन और कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित तलाश शुरू की। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:
- ऋतिक (पिता रामनाथ मर्सकोले) – निवासी बैतूल (वर्तमान पता: रेलवे स्टेशन के पास, नौगांव, जिला धार)
- राहुल (पिता मंगलसिंह) – निवासी खांदन खुर्द (थाना तिरला, जिला धार)
इस त्वरित वैधानिक कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक अनिल डावर, प्रधान आरक्षक मितेश और आरक्षक राममूर्ति रावत की सराहनीय भूमिका रही।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी और शांति भंग करने वालों के खिलाफ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से असामाजिक तत्वों में कड़ा संदेश गया है, वहीं मामले में आगे की वैधानिक कानूनी प्रक्रिया जारी है।
