डायल-112 कानून-व्यवस्था के साथ संकट के समय नागरिकों के लिए एक विश्वसनीय सहारा
धार। सुबह के सन्नाटे में जब सांसें अटक रही थीं और मदद का कोई दूसरा रास्ता नजर नहीं आ रहा था, तब पुलिस की डायल-112 टीम उम्मीद की किरण बनकर पहुंची। समय पर मिली इस मदद से न केवल एक गर्भवती महिला को सुरक्षित इलाज मिल सका, बल्कि खाकी का एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा भी सामने आया।
यह मामला 5 अगस्त बुधवार का है। सुबह करीब 4:20 बजे सरदारपुर-दत्तीगांव फोरलेन मार्ग पर एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन लगाया, लेकिन किसी कारणवश समय पर मदद नहीं मिल सकी। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने तुरंत डायल-112 कंट्रोल रूम पर सूचना दी। मामला भांपते ही डायल-112 की फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल (FRV) बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने महिला को तुरंत अपनी गाड़ी में बैठाया और सुरक्षित रूप से सिविल अस्पताल सरदारपुर पहुंचाकर भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया।
डायल-112 की इस त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय सेवा की हर तरफ सराहना हो रही है। आपातकालीन स्थिति में पुलिस की यह संवेदनशीलता दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय आम नागरिकों के लिए एक विश्वसनीय सहारा भी है।
