20 सितंबर को नकाबपोश बदमाशों ने बेडरूम का ताला तोड़कर अलमारी से लूटे थे नकदी और सोने-चांदी के जेवरात
धार। रात के सन्नाटे में घर का नकुचा उखाड़कर अलमारी से नकदी-जेवरात साफ करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के मंसूबों पर डही पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पानी फेर दिया। स्थानीय जनता की सक्रियता और तकनीकी साक्ष्यों के बूते पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले तीन शातिर बदमाशों को धर दबोचा, जबकि पांच अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।
यह पूरी वारदात 20 सितंबर की रात डही थाना क्षेत्र में ब्लॉक ऑफिस के सामने घटित हुई। फरियादी अनिल मालवीया के घर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने बेडरूम का ताला तोड़कर अलमारी से नकदी और सोने-चांदी के जेवरात लूटे थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 सितंबर को ग्राम कालीदेवी (टांडा) निवासी तीन आरोपियों पानसिंह, मेहरू उर्फ मेहरसिंह और रायसिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त 3 मोटरसाइकिलें, 1 देशी कट्टा, लोहे का कटर और 25,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि वारदात में इनके पांच अन्य साथी मोहन (निवासी गुड़ा), जालम, महेश, दीपक और हारू (सभी निवासी कालीदेवी) भी शामिल थे, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मेहरसिंह उर्फ मेहरू आदतन अपराधी है और वह तिरला, टांडा व राजगढ़ थाने के पुराने आपराधिक मामलों में भी लंबे समय से फरार चल रहा था।
पुलिस अब फरार पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए शेष जेवरात व नकदी की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर छापे मार रही है। पुलिस अधीक्षक ने मामले का त्वरित खुलासा करने वाली डही पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
उक्त कार्रवाई में सउनि. थानसिंह जमरा, प्रआर. राकेश डावर, प्रआर. बसंत रावत, प्रआर. भारतसिंह, प्रआर. चन्दरसिंह, प्रआर. नवलसिंह, आर. संजय, आर. संदीप, आर. भूपेन्द्रसिंह, आर. सौरभ, आर. अम्बाराम एवं आर. सुमीत तथा नगर डही की जनता का विशेष योगदान रहा।
