मोहन यादव कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला, धार को मिलेगी वैश्विक पहचान, जानें बैठक की अन्य बड़ी बातें
भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आज मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास, शिक्षा, किसान और संस्कृति को लेकर कई बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी है। इस बैठक में जहां एक तरफ ग्रामीण आवास मालिकों को देश में पहली बार बड़ी सौगात दी गई, वहीं धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा संकल्प लिया गया है।
धार की भोजशाला बनेगा ‘सरस्वती लोक’
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार स्थित सरस्वती सदन—भोजशाला का विशेष रूप से जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने हाल ही में वहां किए गए अपने दर्शनों को याद करते हुए घोषणा की कि भोजशाला में भव्य ‘सरस्वती लोक’ का निर्माण किया जाएगा।
क्यों खास है यह फैसला? भोजशाला का इतिहास 1000 साल पुराना है, जो हमारी प्राचीन शिक्षा व्यवस्था और संस्कृति का प्रतीक है। सरकार का संकल्प है कि जिस तरह ‘महाकाल लोक’ के बनने से उज्जैन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, ठीक उसी तर्ज पर ‘सरस्वती लोक’ बनने से देश-विदेश के पर्यटक यहां खिंचे चले आएंगे। इससे धार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।
कैबिनेट के अन्य मुख्य फैसले
बैठक में जनता से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों को भी मंजूरी दी गई:
‘स्वामित्व योजना’ में MP रचेगा इतिहास (फ्री रजिस्ट्री)
केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के 55 जिलों में ग्रामीणों की 48 लाख से अधिक संपत्तियां चिन्हित की गई हैं। अब तक इनके प्रमाण पत्र से बैंक लोन मिलने में दिक्कत आ रही थी। अब सरकार इन सभी 48 लाख हितग्राहियों को बिल्कुल मुफ्त रजिस्टर्ड दस्तावेज (रजिस्ट्री) देगी। इसका 3800 करोड़ रुपये का पूरा खर्च राजस्व विभाग उठाएगा। मध्य प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर बड़ी तैयारी
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर जनसुनवाई कैंप और प्रचार के माध्यम से जनता के सुझाव लेने का काम शुरू हो चुका है। सरकार ने 30 जुलाई तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसके बाद UCC की दिशा में कदम आगे बढ़ाए जाएंगे।
स्कूली बच्चों को अब नगद पैसे नहीं, सिली-सिलाई ड्रेस मिलेगी
पहली से आठवीं तक के बच्चों को पहले ड्रेस के लिए डीबीटी (नगद राशि) दी जाती थी, जिससे सुदूर आदिवासी अंचलों में कपड़ा मिलने और सिलाई में दिक्कत होती थी। अब सरकार मध्य प्रदेश के ही गारमेंट उद्योगों के माध्यम से तैयार (सिली-सिलाई) यूनिफॉर्म बच्चों को स्कूल में उपलब्ध करवाएगी।
गेहूं उपार्जन में रिकॉर्ड और ‘मिल्क कैपिटल’ का संकल्प
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बंपर गेहूं खरीदी: इस साल 13.42 लाख से अधिक किसानों से 1 करोड़ 4 लाख टन गेहूं का उपार्जन किया गया है, जो पिछले 10 वर्षों में सर्वाधिक है। इसके लिए 25,000 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। लघु और सीमांत किसानों के मामले में एमपी देश में दूसरे नंबर पर आ गया है।
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श्वेत क्रांति (मिल्क कैपिटल): दुग्ध उत्पादन और कलेक्शन में 10% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। प्रतिदिन का दूध कलेक्शन 9 लाख किलोग्राम से बढ़कर 11 लाख किलोग्राम से अधिक हो गया है। पशुपालकों के लिए ‘गो रस’ मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य पर हजारों करोड़ की मंजूरी
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मेडिकल कॉलेज: चिकित्सा शिक्षा के लिए 17,000 करोड़ रुपये की 5 वर्षीय निरंतरता योजना को मंजूरी दी गई, जिसमें नए कॉलेज और पीजी सीटों का विस्तार शामिल है।
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इंदौर जिला न्यायालय: इंदौर के पिपलियाहाना में बन रहे मध्य प्रदेश के सबसे बड़े जिला न्यायालय भवन के लिए संशोधित बजट 626 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
पीएम मोदी के 12 वर्ष और ‘सेवा अभियान’
मुख्यमंत्री ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में गरीबी रेखा में भारी गिरावट आई है। इसी उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश में 5 जून से 21 जून तक विशेष सेवा अभियान चलाया जाएगा, जिसमें सरकारी अमला खुद घर-घर जाकर छूटे हुए हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएगा।
