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गरीबों के राशन वितरण में धांधली करने वाले दो राशन दुकानदारों पर एफआईआर

दोनों राशन दुकानों पर स्टॉक चेक करने पर कम पाया गया राशन 

धार। गरीबों के राशन में धांधली और सरकारी नियमों को ताक पर रखने वाले राशन दुकान संचालकों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिले के बाग और कुक्षी थाना क्षेत्रों में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की सक्रियता के बाद, नियमों का उल्लंघन करने और स्टॉक में हेराफेरी करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही थी दुकान

पहली कार्रवाई बाग थाना क्षेत्र के ग्राम मगरदा में हुई। यहाँ साईबाबा स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान (क्रमांक 2211052) की जांच 31 मार्च 2026 को दोपहर 1.38 बजे की गई थी। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनीता मसराम ने गवाहों की मौजूदगी में जब दुकान की जांच की, तो सामने आया कि विक्रेता सुरताबाई पति प्रेमसिंह द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कई कंडिकाओं और प्राधिकार पत्र की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन किया जा रहा था। चौकी डेहरी पर लिखित आवेदन प्राप्त होने के बाद 6 जुलाई की रात 9.33 बजे आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

जांच में कम मिला राशन का स्टॉक

दूसरा मामला कुक्षी थाना क्षेत्र के बड़दा गांव का है। यहाँ संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान (क्रमांक 2213010) की जांच 17 मार्च 2026 को सुबह 10.30 से 12.00 बजे के बीच की गई थी। जांच के दौरान कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने पाया कि विक्रेता नूरसिंह पिता मालसिंह बघेल (निवासी कलमी) के पास दुकान में मौजूद राशन का स्टॉक तय मात्रा से काफी कम था। स्टॉक में इस बड़ी हेराफेरी के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उपखण्ड कुक्षी के माध्यम से कलेक्टर महोदय से अनुमोदन (मंजूरी) लिया गया। इसके बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने खुद थाना पहुंचकर आवेदन पेश किया, जिस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 290/2026 के तहत धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम का केस दर्ज किया।

प्रशासन द्वारा मार्च महीने में की गई इस जांच की रिपोर्ट पर अब जाकर (6 जुलाई को) कानूनी एफआईआर दर्ज कराई गई है। शासकीय राशन दुकानों पर हुई इस कड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य राशन डीलरों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने दोनों ही मामलों को विवेचना (जांच) में ले लिया है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में प्रशासन राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए और भी दुकानों पर औचक निरीक्षण कर सकता है, जिससे धांधली करने वाले अन्य दुकानदारों पर भी गाज गिर सकती है।

 

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