धार पुलिस का आधुनिक कदम : अब ‘स्मार्ट’ होगी अपराधियों की धरपकड़
कुक्षी, मनावर और धामनोद अनुभाग के विवेचकों को बांटे 148 टैबलेट
धार। अपराध की जांच और सबूत जुटाने के पारंपरिक तौर-तरीकों को पीछे छोड़ते हुए धार पुलिस ने आधुनिक तकनीक की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। अब जिले के पुलिस विवेचक (जांच अधिकारी) डायरी-पेन की जगह हाथों में अत्याधुनिक टैबलेट थामे नजर आएंगे। इस नई डिजिटल पहल से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों का संकलन किया जा सकेगा, जिससे न केवल जांच में पारदर्शिता आएगी बल्कि अपराधियों को सजा दिलाने में भी तेजी मिलेगी।
पुलिस मुख्यालय भोपाल की सीसीटीएनएस (CCTNS) परियोजना के तहत, मनावर के निजी होटल में एक विशेष वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डीआईजी होशंगाबाद रेंज वीरेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी इंदौर (ग्रामीण) रेंज मनोज कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में जिले के 148 विवेचकों को टैबलेट वितरित किए गए। जिले के विभिन्न अनुभागों में टैबलेटों का वितरण इस प्रकार किया गया है:
- अनुभाग कुक्षी: 58 टैबलेट
- अनुभाग मनावर: 57 टैबलेट
- अनुभाग धामनोद: 33 टैबलेट
ई-विवेचना को मिलेगा एक नया आयाम
इन टैबलेटों की मदद से जांच अधिकारी अब अपराध स्थल पर ही डिजिटल साक्ष्य संकलन, फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग, दस्तावेजों का त्वरित संकलन तथा गवाहों के बयान दर्ज करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य बेहद प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। इस तकनीक के आने से कागजी कार्रवाई में लगने वाले समय की बचत होगी और ई-विवेचना को एक नया आयाम मिलेगा। कार्यक्रम में एसडीओपी मनावर ब्रजेश कुमार मालवीय, एसडीओपी धामनोद मोनिका सिंह, एसडीओपी कुक्षी सुनील गुप्ता सहित तीनों अनुभागों के थाना प्रभारी, विवेचक और सीसीटीएनएस सेल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुलिस विभाग के इस डिजिटलाइजेशन का सीधा असर आने वाले समय में न्यायिक प्रक्रिया पर देखने को मिलेगा। वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से जुटाए गए ये डिजिटल सबूत अदालतों में पुलिस के पक्ष को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे, जिससे बेहतर व त्वरित न्याय की राह आसान होगी। पुलिस प्रशासन के अनुसार, शेष बचे टैबलेट भी जल्द ही संबंधित थानों और इकाइयों के विवेचकों को वितरित कर दिए जाएंगे, जिससे पूरा जिला जल्द ही इस स्मार्ट जांच प्रणाली से कवर हो जाएगा।
