धार। घर वालों की किसी बात से नाराज़ होकर बिना बताए निकलीं दो नाबालिग बालिकाओं के लिए डायल-112 की पुलिस टीम देवदूत बनकर सामने आई। अनजान शहर में भटक रही इन बच्चियों को पुलिस ने समय रहते सुरक्षित अपनी अभिरक्षा में लिया और उनके परेशान परिजनों से सकुशल मिला दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
मामला धार जिले के नौगांव थाना क्षेत्र का है। स्थानीय पुलिस को सूचना मिली कि नगर में दो नाबालिग बालिकाएं अनजान स्थिति में घूम रही हैं और प्रथम दृष्टया गुमशुदा प्रतीत हो रही हैं। सूचना प्राप्त होते ही डायल-112 (एफआरवी-02 नौगांव) का पुलिस दल तत्काल मौके पर पहुँचा और दोनों बालिकाओं को सुरक्षित थाने लाया। थाने पर पूछताछ के दौरान बालिकाओं ने स्वीकार किया कि वे घर से बिना बताए आई थीं। इसके बाद पुलिस ने उनके परिजनों से संपर्क किया। थाने पहुँचे परिजनों ने बताया कि बालिकाएं किसी बात से रुष्ट होकर चली गई थीं और वे लगातार रिश्तेदारों तथा आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश कर रहे थे।

आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया एवं तस्दीक पूरी करने के बाद दोनों बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस दौरान डायल-112 एफआरवी-02 नौगांव में पदस्थ सैनिक (275) बहादुर एवं पायलट अरुण भाभर की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की विशेष सराहना की गई। पुलिस अधीक्षक धार ने दोनों पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश जारी किए हैं।
धार पुलिस की अपील
धार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, गुमशुदगी या सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल ‘डायल-112’ पर संपर्क करें। समय पर दी गई सटीक जानकारी से पुलिस द्वारा त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
