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सावधान ! “आज रात कट जाएगी बिजली”… फर्जी मैसेज आए तो भूलकर भी न करें ये गलती

बिजली बिल भुगतान के लिए ऊर्जा मंत्री तोमर ने जारी की एडवाइजरी

धार। “आपकी बिजली कुछ घंटों में काट दी जाएगी!” अगर आपके फोन पर भी ऐसा कोई एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज या कॉल आया है, तो फौरन सतर्क हो जाइए। यह साइबर जालसाजों का नया जाल हो सकता है। बिजली उपभोक्ताओं को डराकर पैसे ऐंठने वाले इन साइबर ठगों से बचाने के लिए प्रदेश सरकार और बिजली कंपनी ने विशेष अलर्ट जारी किया है।

सोमवार, 10 अगस्त को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि फर्जी मैसेज या अनजान कॉल के झांसे में आकर किसी भी निजी नंबर पर पैसे ट्रांसफर न करें। संज्ञान में आया है कि साइबर जालसाज लोगों को डराकर या अनजान ऐप/लिंक पर क्लिक करवाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहे हैं। तोमर ने स्पष्ट किया कि बिजली बिल जमा करने के लिए केवल कंपनी के आधिकारिक माध्यमों और आईवीआरएस (IVRS) नंबर का ही उपयोग करें।

सुरक्षित भुगतान और सत्यापन के प्रमुख तरीके:

  • अधिकृत केंद्र : बिलों का भुगतान कैश में केवल कंपनी के जोन, वितरण केंद्र कार्यालय, पीओएस (POS) मशीन, एम.पी. ऑनलाइन और कॉमन सर्विस सेंटर पर ही करें।
  • ऑनलाइन माध्यम : कैशलेस भुगतान के लिए आधिकारिक पोर्टल, नेट बैंकिंग, कार्ड्स, यूपीआई (UPI), फोन पे, गूगल पे, पेटीएम, अमेजन पे, व्हाट्सएप पे और ‘UPAY’ मोबाइल ऐप का ही प्रयोग करें।
  • फर्जी कॉल से बचाव : कंपनी कभी भी किसी निजी मोबाइल नंबर से बिल भुगतान या लाइन काटने के लिए एसएमएस नहीं भेजती।
  • कर्मचारी की पहचान : यदि कोई व्यक्ति बिजली संबंधी कार्य के लिए संपर्क करता है, तो उससे उसकी Employee ID मांगें। इसके बाद UPAY App के होम पेज पर ‘Other Services’ में जाकर ‘Employee Verification’ विकल्प से उसकी सच्चाई जांचें।
  • हेल्पलाइन : किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत भारत सरकार की आधिकारिक साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए बिजली विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम आम जनता की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होगा। आधिकारिक माध्यमों और ‘UPAY App’ के जरिए कर्मचारी सत्यापन जैसी सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ने से ठगी के मामलों में कमी आएगी। भविष्य में उपभोक्ता जागरूक रहकर न केवल वित्तीय नुकसान से बच सकेंगे, बल्कि किसी भी फर्जी कर्मचारी की पहचान कर पुलिस व प्रशासन की मदद भी कर सकेंगे।

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