Headlines

बिना अनुमति नहीं निकलेंगे जुलूस, अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी पुलिस की नजर

त्योहारों पर सौहार्द और सुरक्षा सर्वोपरि : धार में शांति समिति की अहम बैठक आयोजित

धार। आगामी त्योहारों के दौरान जिले की शांति, सुरक्षा और पारंपरिक सौहार्द को अक्षुण्ण रखने के लिए धार जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि पर्वों के उल्लास के बीच कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इसी क्रम में 22 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष (धार) में कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा की उपस्थिति में जिला स्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान जिले में आपसी भाईचारा, सांप्रदायिक सौहार्द और सुदृढ़ कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना था। इस दौरान समिति के सदस्यों ने सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को लेकर कई उपयोगी सुझाव साझा किए।

बैठक में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने धार के ऐतिहासिक सद्भाव का उल्लेख करते हुए सभी सदस्यों से समाज में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के मद्देनजर बिजली, पेयजल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त की जाएं। बैठक के दौरान आगामी पर्वों, जुलूसों और रैलियों के निर्धारित रूट, समय और संभावित जनभागीदारी की विस्तृत समीक्षा भी की गई।

पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने कानून व्यवस्था पर जोर देते हुए बताया कि जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। इसके तहत किसी भी प्रकार के धरने, जुलूस, प्रदर्शन या रैली के लिए पुलिस प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा। साथ ही उन्होंने समिति का दायरा बढ़ाते हुए नए सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोड़ने का सुझाव दिया।

सोशल मीडिया पर निगरानी को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर, अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया पर पोस्ट, शेयर या रीपोस्ट न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और शांति समिति के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रशासन और पुलिस के इन कड़े दिशा-निर्देशों तथा निगरानी तंत्र से यह सुनिश्चित होगा कि आगामी त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हों और असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *