फर्जी हस्ताक्षर कर बेटे-पोते ने कराया नाम, 9.35 लाख का उठाया लाभ, केस दर्ज
धार। पारिवारिक रिश्तों को दरकिनार कर धोखाधड़ी की एक ऐसी साजिश सामने आई है, जहाँ बुजुर्ग पिता के हक पर बेटे और पोते ने मिलकर डाका डाल दिया। फर्जी हस्ताक्षर और कूट रचित दस्तावेजों के सहारे जमीन अपने नाम कराने और उस पर लाखों रुपये का वित्तीय लाभ उठाने के मामले में आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया है।
यह पूरा मामला राजगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पटवारी हल्का स्थित कृषि भूमि का है। यहाँ पटेल मार्ग (सरदारपुर, जिला धार) निवासी 50 वर्षीय मनोहर सिंह और उसके 25 वर्षीय पुत्र तिलक बारोड राजपूत ने मिलकर पीड़ित रूपाजी के अधिपत्य की कृषि भूमि को छलपूर्वक अपने नाम करवा लिया। घटना 26 सितंबर 2019 की बताई जा रही है, जब दोनों आरोपियों ने एकराय होकर आपराधिक षड्यंत्र रचा और कूटरचित हस्ताक्षरों के जरिए इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इतना ही नहीं, आरोपी तिलक ने इस फर्जीवाड़े से हासिल जमीन पर अलग से 9,35,000 रुपये का वित्तीय लाभ भी अर्जित किया।
माननीय न्यायालय सरदारपुर से प्राप्त आवेदन और उसके बाद की गई विस्तृत जांच के उपरांत, राजगढ़ थाना पुलिस ने 1 अक्टूबर बुधवार को सुबह 10:19 बजे दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधिवत प्रकरण दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान सुरक्षा आदि की कूटरचना), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से कूटरचना), 471 (फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करना) और 120-B (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला कायम किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस इस फर्जीवाड़े में प्रयुक्त दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन छानबीन कर रही है, जिससे आरोपियों पर कानूनी शिकंजा और कसना तय माना जा रहा है।
