नवाचार: श्रद्धालय की दादी-नानी के हाथों का स्वाद, प्यार से खिलाए ‘दही-बड़े’
बुजुर्गों की पहल: आश्रम के पुरुषों के बाद अब महिलाओं ने संभाली रसोई, कर्मचारियों ने भी चखा ममता भरा स्वाद धार। वृद्धाश्रम में बना-बनाया भोजन मिलना आम बात है, लेकिन जब ममता और अनुभव के हाथ खुद रसोई संभाल लें, तो स्वाद ‘प्रसाद’ बन जाता है। श्रद्धालय वृद्धाश्रम में चल रहे ‘हम भी कर सकते…
