पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर एनालिसिस के आधार पर इंदौर के जैद खान को किया गिरफ्तार
धार। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना कितना भारी पड़ सकता है, इसका एक ताजा उदाहरण मनावर में देखने को मिला है। फेसबुक पर एक युवती के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवक को अधिक मुनाफे का झांसा दिया गया और देखते ही देखते उसके खाते से लाखों रुपये पार कर दिए गए। हालांकि, साइबर फ्रॉड के इस मामले में धार पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
घटना 24 दिसंबर 2025 की है, जब मनावर के रहने वाले अनिल अग्रवाल के साथ फेसबुक पर ‘काव्या परिहार’ नाम की आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए संपर्क किया गया। इसके बाद जालसाजों ने एक लिंक भेजकर ऑनलाइन खाता खुलवाया और अधिक लाभ का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में कुल 2,87,000 रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर थाना मनावर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 319(2) के तहत अपराध क्रमांक 833/2025 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे ‘SAFE CLICK-2.0’ अभियान के तहत, एसडीओपी मनावर ब्रजेश कुमार मालवीय के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर एनालिसिस के आधार पर गुरुग्राम, पालघर और मुंबई जैसे शहरों में आरोपियों की सुरागकशी की। कड़े प्रयासों के बाद आखिरकार इस गिरोह से जुड़े एक आरोपी जैद खान (22 वर्ष, निवासी श्रीनगर काकंड, इंदौर) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस रैकेट के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक, प्रकरण में नामजद अन्य आरोपी अनीश शेख और उसके साथी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद न सिर्फ ठगी गई राशि बरामद की जा सकेगी, बल्कि इस अंतरराज्यीय साइबर गिरोह द्वारा किए गए कई अन्य बड़े वित्तीय घोटालों का भी पर्दाफाश हो सकेगा।
इस महत्वपूर्ण सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश यादव, उपनिरीक्षक मनीष चौधरी, आरक्षक जितेन्द्र कुशवाह (899) तथा सायबर सेल धार से उपनिरीक्षक प्रशांत गुंजाल, प्रधान आरक्षक 71, आरक्षक शुभम, आरक्षक प्रशांत चौहान और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
