इंदौर हाईकोर्ट से नहीं मिली भू-माफियाओं को राहत
धार। धार शहर में करोड़ों रुपये की बेशकीमती शासकीय भूमि पर बने 100 साल से भी पुराने मसीह अस्पताल के जर्जर भवन को ढहाने की बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। भू-माफियाओं के अवैध कब्जों और कानूनी दांवपेंचों को मात देते हुए प्रशासन ने वर्षा काल में संभावित जनहानि को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। इंदौर हाईकोर्ट से भी भू-माफियाओं को कोई राहत न मिलने के बाद सोमवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस मसीह अस्पताल परिसर में जेसीबी की गर्जना गूंज उठी।
मसीह अस्पताल के 100 साल से अधिक पुराने जर्जर भवनों को डिस्मेंटल (ढहाने) करने की प्रक्रिया शुरू की गई। धार शहर के ग्राम नौगांव स्थित शासकीय नजूल की भूमि पर खसरा नंबर के अनुसार शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज है। यह कार्रवाई सोमवार को प्रारंभ हुई और इसके अगले दिन भी जारी रहने की संभावना है।
नगर पालिका और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने इसे अंजाम दिया, जिसमें नपा सीएमओ वीके सिंह, तहसीलदार दिनेश कुमार उईके और पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद रहा।
यह भवन पूरी तरह मिट्टी का बना हुआ है और बारिश के मौसम में इसके गिरने से किसी भी प्रकार की जनहानि न हो, इसलिए एहतियात के तौर पर प्रशासन ने इसे जर्जर चिन्हित कर गिराने का फैसला लिया।
भू-माफियाओं की साजिश और प्रशासनिक कार्रवाई
यह बहुमूल्य परिसर पूर्व में भू-माफियाओं द्वारा अवैध तरीके से हड़प कर दिया गया था। इस मामले में प्रशासन ने पहले ही नौगांव थाने पर प्रकरण (केस) दर्ज करवाया था। इसके खिलाफ भू-माफियाओं ने इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की थी, लेकिन अदालत से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। चूंकि यह जमीन आज भी शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज है, इसलिए 20 दिसंबर 2019 को राजस्व विभाग ने इसके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पालिका को सौंप दी थी। सोमवार को दो जेसीबी मशीनों के माध्यम से इस जर्जर ढांचे को गिराने का काम शुरू किया गया।
इस भूमि का इतिहास धार के राजा से जुड़ा है, जिन्होंने वर्षों पहले महिलाओं के अस्पताल के लिए इस बेशकीमती जमीन को दान में दिया था। अब इस जर्जर ढांचे के पूरी तरह डिस्मेंटल होने के बाद इस स्थान का कायाकल्प होने की उम्मीद है। नगर पालिका सीएमओ वीके सिंह के अनुसार, जगह पूरी तरह हस्तांतरित हो जाने के बाद जिला प्रशासन के निर्देशन में आगे का काम किया जाएगा। भविष्य में इस खाली भूमि का उपयोग फुटपाथ पर दुकानें लगाने वाले गरीब दुकानदारों के पुनर्वास और व्यवस्थित बाजार के रूप में करने पर सर्वसम्मति से विचार किया जा सकता है।
