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बीमा दावों का तुरंत होगा निपटारा, बैंकों में हर महीने मनाया जाएगा ‘बीमा दिवस’

खरीफ फसलों के शत-प्रतिशत बीमा और क्लेम के त्वरित निराकरण के निर्देश

धार। सामाजिक सुरक्षा और बीमा योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रशासन ने सख्त और व्यावहारिक कदम उठाए हैं। अब न केवल बीमा दावों का निपटारा तेज़ गति से होगा, बल्कि पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें समय पर आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में जिला बीमा सेल समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर मीना, अग्रणी जिला प्रबंधक बलराम बैरागी, विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी और बैंक प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के दौरान जिले में संचालित प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

अधिकारी मैदानी स्तर पर करे निगरानी

कलेक्टर मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के दौरान बैंक अधिकारी स्वयं मैदानी स्तर पर मौजूद रहकर कार्यों की निगरानी करें। साथ ही बैंकों का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखते हुए शासकीय योजनाओं के लंबित दावों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। 

मृत्यु होने पर परिजनों को जल्दी सहायता राशि दे

जिले की जनसंख्या और पंजीकृत खातों के अनुपात में क्लेम रेशियो तैयार करने, संबल योजना व अन्य आर्थिक सहायता योजनाओं के पात्र हितग्राहियों की जानकारी जुटाने और जनपद पंचायतों से मृत्यु संबंधी आँकड़े प्राप्त कर पात्र लोगों को जल्द सहायता राशि देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, जन सुरक्षा पोर्टल का व्यापक प्रचार करने और खरीफ फसलों का शत-प्रतिशत प्रधानमंत्री फसल बीमा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

हर महीने एक दिन मनेगा बीमा दिवस

आम जनता में जागरुकता बढ़ाने और योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुँचाने के लिए जिले के सभी बैंकिंग संस्थानों को हर महीने एक दिन “बीमा दिवस” के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जानकारी के अभाव और क्लेम देरी से वंचित रहते है

जन सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मुख्य उद्देश्य संकट की स्थिति में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को वित्तीय संबल प्रदान करना है। अकसर जानकारी के अभाव या प्रक्रियात्मक देरी के कारण पात्र हितग्राही क्लेम राशि से वंचित रह जाते थे।

इस बैठक में दिए गए निर्देशों और “बीमा दिवस” जैसे आयोजनों से बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और गति आएगी। मैदानी स्तर पर अधिकारियों की मौजूदगी और जनपद पंचायतों के साथ समन्वय से मृत्यु दावों का समयबद्ध निस्तारण संभव हो सकेगा, जिससे पीड़ित परिवारों को सही समय पर आर्थिक राहत मिल सकेगी।

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