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“अग्निपरीक्षा से गुजरकर मजबूत हुआ भोजशाला का सत्य, शीघ्र लौटेगा राजा भोज का वैभव” -साध्वी ऋतंभरा

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की पूजा-अर्चना, बोलीं— “मां वाग्देवी की प्रतिमा भी जल्द आएगी वापस”

धार। जिस तरह प्रह्लाद आग की लपटों में भी सुरक्षित रहे, उसी प्रकार तमाम अग्निपरीक्षाओं और कठिनाइयों को पार कर भोजशाला का सत्य उजागर हुआ है। सनातन संस्कृति की शक्ति और सत्य के बल पर ही आज भोजशाला का गौरव पुनः स्थापित हो रहा है।

मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक नगर धार स्थित भोजशाला परिसर में गुरुवार को प्रसिद्ध कथावाचिका साध्वी ऋतंभरा का आगमन हुआ। उन्होंने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां वाग्देवी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और देश व समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और समर्थकों के जय श्रीराम और मां वाग्देवी के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।

दर्शन-पूजन के पश्चात पत्रकारों एवं श्रद्धालुओं से चर्चा करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि तथाकथित मौलानाओं से बहुत पहले राजा भोज हुए थे। धार की यह धरा ज्ञान, विज्ञान, संगीत, काव्य और संस्कृति का केंद्र रही है। इसने विद्वानों को गढ़कर पूरे भारत को समृद्ध किया। इस भूमि ने जौहर और सामूहिक नरसंहार जैसे दर्द झेले हैं, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सनातन संस्कृति कभी पराजित नहीं हुई।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने आंदोलनों में मर्यादित भाषा बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही युवतियों को मर्यादा और संस्कृति का पालन करना चाहिए। आंदोलनों में अभद्र भाषा का प्रयोग उसकी गरिमा को कम करता है और ऐसे लोगों पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

साध्वी ऋतंभरा ने विश्वास व्यक्त किया कि भोजशाला के संघर्ष की यह जीत संपूर्ण हिंदू समाज के लंबे संघर्ष का परिणाम है, जो आगे चलकर काशी और मथुरा के लिए भी सत्य की विजय के मार्ग प्रशस्त करेगी।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में धार की भोजशाला में राजा भोज के समय जैसा वैभव फिर से लौटेगा। यह वैभव केवल इमारतों से नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, संगीत और विज्ञान से आएगा। भगवती की कृपा से शीघ्र ही मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा भी लंदन से वापस धार आएगी। भोजशाला का यह स्थान आने वाले दिनों में पूरे भारत के सांस्कृतिक और नैतिक जागरण का नेतृत्व करेगा।

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