पड़ताल करने राजकोट पहुँचा पीड़ित तो उड़े होश
धार। आजकल सस्ते दामों पर सामान और आकर्षक ऑफर के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक फर्जीवाड़ा धार जिले के टांडा क्षेत्र में सामने आया है, जहाँ एक युवक ड्रिल मशीन खरीदने के झांसे में आकर अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई गंवा बैठा।
यह मामला धार जिले के थाना टांडा का है। 03 अगस्त 2026 को शिकायतकर्ता टिंकु सोलंकी (पिता मदनलाल सोलंकी), निवासी बस स्टैंड टांडा, के साथ 1,55,000 रुपये की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हुई। पीड़ित के अनुसार, आरोपी परमानंद पाण्डे ने खुद को गुजरात के राजकोट स्थित लक्ष्मी ड्रिल नामक दुकान का संचालक बताया और ड्रिल मशीन सस्ते दामों पर देने का ऑफर दिया।
आरोपी के झांसे में आकर पीड़ित ने PhonePe (फोन पे) के जरिए किश्तों में कुल 1.55 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए। पैसे ट्रांसफर होने के बाद जब सामान की डिलीवरी नहीं हुई और आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया, तब पीड़ित खुद राजकोट में दिए गए पते पर पहुँचा। वहाँ पहुँचने पर न तो कोई दुकान मिली और न ही परमानंद पाण्डे नाम का व्यक्ति, जिसके बाद ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ित की लिखित शिकायत के आधार पर टांडा थाना पुलिस ने 07 अगस्त शुक्रवार को अज्ञात आरोपी/परमानंद पाण्डे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 319(2) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस अब लेन-देन के डिजिटल ट्रेल और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि अनजान व्यक्तियों को बिना पुष्टि किए ऑनलाइन भुगतान करना भारी पड़ सकता है।
