धार। सोशल मीडिया पर मशहूर ब्रांड की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने कुक्षी के एक स्थानीय व्यापारी को अपना शिकार बना लिया। हालांकि, ठगों की यह चालाकी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। कुक्षी पुलिस ने त्वरित तकनीकी विश्लेषण और अंतर-राज्यीय बैंकिंग समन्वय के जरिए न केवल असम में खुले फर्जी बैंक खाते का पर्दाफाश किया, बल्कि व्यापारी के ठगे गए शत-प्रतिशत 2.59 लाख रुपए भी सुरक्षित वापस दिलवा दिए।
असम के फर्जी खाते में ट्रांसफर कराई गई थी रकम
मामले के अनुसार, पीड़ित व्यापारी को सोशल मीडिया के जरिए जूड़ियो की फ्रेंचाइजी और शोरूम खुलवाने का प्रलोभन दिया गया था। झांसे में आकर व्यापारी ने 2,59,600 रुपए की राशि ट्रांसफर कर दी। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने यह रकम गुवाहाटी (असम) स्थित पंजाब नेशनल बैंक में ‘टाटा इंटरप्राइजेस’ के नाम से फर्जी दस्तावेज और पते पर खोले गए खाते में मंगवाई थी।
त्वरित तकनीकी कार्रवाई से होल्ड हुई राशि
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी कुक्षी सुनील गुप्ता के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक दीपकसिंह चौहान की टीम ने तत्काल कदम उठाया। मामले में सहायक उपनिरीक्षक चंचलसिंह चौहान ने बैंकिंग चैनलों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राशि का रूट ट्रैक किया। इसके बाद संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों से संपर्क साधकर ठगी में इस्तेमाल खाते को तुरंत ‘डेबिट फ्रीज/होल्ड’ करवाया गया। पुलिस के इसी त्वरित एक्शन की बदौलत पूरी रकम शिकायतकर्ता के खाते में सुरक्षित वापस ट्रांसफर हो सकी। इस कार्रवाई में आरक्षक विपिन यादव, अर्जुन डावर और महेन्द्र चौहान की भी अहम भूमिका रही।
समय पर दी गई शिकायत बनी रिकवरी की कुंजी
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पीड़ित द्वारा समय पर शिकायत दर्ज कराना रही, जिसके चलते बैंकिंग चैनल में रकम को समय रहते फ्रीज किया जा सका। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन माध्यमों पर फ्रेंचाइजी, भारी मुनाफे वाले निवेश या नौकरी के विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी अनजान खाते में धनराशि भेजने से बचें और साइबर अपराध का शिकार होते ही तत्काल अपने बैंक और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी गई राशि को रिकवर करने की संभावना बनी रहे।
