स्क्रैप कारोबारी से लूट करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, 22.5 लाख कैश और कार बरामद
इंदौर। इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में स्क्रैप (एल्यूमीनियम) कारोबारी के कर्मचारी से हुई 29 लाख 65 हजार रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल मास्टरमाइंड सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह वारदात 11 जून की शाम करीब 8:25 बजे हुई थी, जब कलेक्शन का कैश लेकर जा रहे मुकुल अग्रवाल नामक युवक से दो पहिया वाहन पर आए बदमाशों ने बैग छीन लिया था। पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से 22.5 लाख रुपए नकद और लूट की रकम से खरीदी गई एक कार बरामद कर ली है।
वारदात की साजिश और आरोपियों की भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड एक रिटायर्ड आर्मीमैन चंद्रशेखर मुकाती है। चंद्रशेखर पीड़ित कारोबारी से जुड़े एक अन्य स्क्रैप व्यापारी के यहाँ काम करता था, जहाँ से उसे रोजाना होने वाले बड़े लेनदेन और कलेक्शन सिस्टम की पूरी सटीक जानकारी मिली। आर्थिक तंगी और महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने अपने पुराने साथी प्रवीण भंडारी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की भूमिका इस प्रकार है:
- चंद्रशेखर मुकाती (मास्टरमाइंड): पीड़ित के कारोबार की अंदरूनी जानकारी (टिप-ऑफ) प्रवीण को दी।
- प्रवीण भंडारी: पेशे से ड्राइवर, जो घटना के वक्त मौके पर लूट करने वाले मुख्य आरोपियों में शामिल था।
- अमर सूर्यवंशी: वारदात में शामिल दूसरा मुख्य आरोपी, जिसके खिलाफ पहले से करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- फिरोज़: वारदात को अंजाम देने के लिए उपयोग की गई हीरो मेस्ट्रो गाड़ी उपलब्ध कराई।
- कपिल भंडारी: लूट की वारदात के बाद अन्य आरोपियों को शरण (आश्रय) दी।
लूट के पैसों से खरीदा सामान और चढ़ाया चढ़ावा
पूछताछ में यह भी सामने आया कि लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सीधे राजस्थान के प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने भगवान के चरणों में 1 लाख 11 हजार रुपये का चढ़ावा चढ़ाया। इसके बाद फरारी काटने और पुलिस से बचने के लिए आरोपी मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान और महाराष्ट्र में भी छिपते रहे। आरोपियों ने लूटे गए पैसों से 2.5 लाख रुपए की एक i20 कार, कुछ आभूषण और नए कपड़े भी खरीद लिए थे, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि आरोपियों ने इस कदम को वित्तीय परेशानी के चलते उठाया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक व्यक्ति क्रिप्टो करेंसी के कारोबार में भी शामिल था, जहाँ उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ था। इस घाटे और कर्ज की भरपाई के लिए ही इस डकैती की योजना बनाई गई थी। फिलहाल, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार, सभी 5 आरोपी हिरासत में हैं और उनसे सघन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब घटना से जुड़ी अन्य कड़ियों की जांच करने के साथ-साथ शेष बची हुई रकम की बरामदगी के प्रयासों में जुटी हुई है।
