गूगल मीट पर बाकायदा इंटरव्यू और ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट का रचा नाटक
इंदौर। अगर आपको भी विदेश में आकर्षक नौकरी और तुरंत वर्क वीजा मिलने का ऑनलाइन ऑफर आ रहा है, तो सावधान हो जाइए। इंदौर में साइबर अपराधियों ने गूगल मीट पर बाकायदा इंटरव्यू और ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट का नाटक रचकर एक व्यक्ति को अपनी ठगी का शिकार बना लिया। ऑस्ट्रेलिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी का झांसा देकर जालसाजों ने पीड़ित से 7.21 लाख रुपए ऐंठ लिए।
यह मामला इंदौर का है, जहाँ साइबर अपराधियों ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर खुद को ‘इंच टेक्नोलॉजी’ कंपनी का मैनेजर सुमित और डायरेक्टर माइकल बताया। आरोपियों ने पीड़ित को ऑस्ट्रेलिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी और वर्क वीजा दिलाने का झांसा दिया। विश्वास जीतने के लिए गूगल मीट पर फर्जी प्रक्रिया और ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट भी कराया गया। इसके बाद 5 दिसंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के बीच हेल्थ इंश्योरेंस, अतिरिक्त इंश्योरेंस, वेरिफिकेशन और वीजा शुल्क के नाम पर रेजरपे (Razorpay) पेमेंट लिंक के ज़रिए कुल 7.21 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए।
जब पीड़ित को शक हुआ और उसने ऑस्ट्रेलियाई गृह विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन संपर्क कर पड़ताल की, तो खुलासा हुआ कि उसके नाम से वीजा का कोई आवेदन जमा ही नहीं किया गया है। धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़ित ने इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
एडिश्नल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, आरोपियों द्वारा ऐंठी गई रकम को नोएडा स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के खाते में ट्रांसफर किया गया है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने उस बैंक खाते को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसमें पैसे ट्रांसफर हुए थे।
इस घटना के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान ऑनलाइन जॉब ऑफर या वीजा एजेंट पर बिना आधिकारिक सत्यापन के भरोसा न करें।
