धार। रविवार 23 अगस्त की दोपहर, मध्य प्रदेश के धरमपुरी पुलिस थाना परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला ने पारिवारिक विवाद के चलते अचानक खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली। इस दर्दनाक घटना में उसे बचाने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मी भी झुलस गए। महिला को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर कर दिया गया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब दीपिका ठाकुर अपने पति काशिफ के साथ स्थानीय पुलिस थाने पहुंची थी। दोनों के बीच पुराने पारिवारिक और जमीनी विवाद के साथ-साथ पैसों के लेन-देन को लेकर चर्चा चल रही थी। बातचीत के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई और दीपिका ने थाने के भीतर ही खुद को आग के हवाले कर दिया। आग बुझाने और महिला की जान बचाने के प्रयासों में सब इंस्पेक्टर अतुल जोशी सहित एक अन्य पुलिसकर्मी भी झुलस गए।
एडिशनल एसपी विजय डावर ने बताया कि दीपिका की प्रवृत्ति पहले भी विवादित रही है। वह पूर्व में कभी पानी की टंकी तो कभी मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकियां दे चुकी है। इस घटना से ठीक पहले भी दीपिका और उसके पति ने थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, एडिशनल एसपी विजय डावर, एसडीओपी ब्रजेशकुमार मालवीय तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी पति काशिफ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच शुरू कर दी है। डॉक्टरों के अनुसार महिला लगभग 13 प्रतिशत जली है और उसकी स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है।
ऐसी घटनाएं पुलिस थानों में सुरक्षा व्यवस्था और घरेलू विवादों के बढ़ते तनाव पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में यदि समय रहते काउंसलिंग और मध्यस्थता की प्रभावी व्यवस्था की जाए, तो गुस्से में उठाए जाने वाले चरम कदमों को रोका जा सकता है।
