गौभक्तों ने धार पुलिस से की सुरक्षा और जांच की मांग
धार। जन्माष्टमी की रात जहां हजारों श्रद्धालु भक्ति और भजनों में लीन थे, वहीं संतों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। प्रसिद्ध कथावाचक संत पं. कमल किशोर नागर को भेंट सामग्री के बीच रखकर एक कथित धमकी भरा पत्र सौंपा गया, जिससे श्रद्धालुओं और गौभक्तों में गहरा आक्रोश व चिंता है।
यह मामला 4 सितंबर को झाबुआ जिले के भूराडाबरा स्थित ‘श्री गुरु कृपा शबरी प्राचीन गौशाला’ में आयोजित भव्य रात्रिकालीन सत्संग के दौरान का है। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं द्वारा संत नागर को भेंट किए जा रहे शॉल-श्रीफल और पूजन सामग्री के बीच एक कागज का टुकड़ा मिला, जिसमें उन्हें कथित रूप से धमकी दी गई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 सितंबर बुधवार को समस्त गौभक्त मंडल ने धार पहुंचकर एडिशनल एसपी विजय डावर को पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन और उस पत्र की छायाप्रति सौंपी। प्रतिनिधिमंडल ने धमकी देने वाले अज्ञात व्यक्तियों की शीघ्र पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और संत की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपते समय समाजसेवी समंदर सिंह पटेल, सर्व ब्राह्मण समाज कार्यकारी जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र जोशी, अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार राजेश शर्मा, डॉ. तरुण जोशी, गोटू शुक्ला, लालू यादव, जितेन्द्र सिंह, उपसिंह, निलेश, राजेश गोसिया, श्रवण मनवाना सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालु उपस्थित रहे।
संत पं. कमल किशोर नागर लंबे समय से गौ-संरक्षण, धर्म जागरण और धर्मांतरण व गौ-तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चला रहे हैं। उनके धार्मिक आयोजनों में बड़ी तादाद में आम जनमानस और गौभक्त जुड़ते हैं। ऐसे में इस धमकी भरे पत्र के सामने आने के बाद क्षेत्र में सतर्कता और सुरक्षा बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है, अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की सूक्ष्म व निष्पक्ष जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
